


‘सेव बिहार वेटलैंड कैंपेन’ के तहत ऐप से होगी आर्द्रभूमियों की जीपीएस मैपिंग
भागलपुर के अरण्य विहार सुंदरवन में बुधवार को आर्द्रभूमियों (वेटलैंड) के भौतिक सत्यापन एवं सीमांकन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डब्ल्यूपीसी 304/2018 में 28 जुलाई 2026 को पारित आदेश के अनुपालन के तहत किया गया।

कार्यशाला में भागलपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भागलपुर, बांका, जमुई, पूर्णिया, अररिया, सहरसा और सुपौल सहित सात वन प्रमंडलों के सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्र पदाधिकारी, वनपाल एवं वनरक्षियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान आर्द्रभूमि विशेषज्ञों ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही आर्द्रभूमियों के सटीक भौतिक सत्यापन और सीमांकन के लिए डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया।

वनकर्मियों को ‘सेव बिहार वेटलैंड कैंपेन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से आर्द्रभूमियों की जीपीएस मैपिंग और भौतिक सीमा निर्धारण की प्रक्रिया समझाई गई। इसके अलावा गूगल फॉर्म के माध्यम से आंकड़ों की फीडिंग और विभागीय रिपोर्टिंग की प्रक्रिया का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के बाद सातों वन प्रमंडलों की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में आर्द्रभूमियों का भौतिक सत्यापन एवं सीमांकन करेंगी। इसके लिए मोबाइल ऐप और गूगल फॉर्म के माध्यम से आंकड़े एकत्र कर विभाग को उपलब्ध कराए जाएंगे।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, भागलपुर डॉ. एस. कुमारासामी, मुख्य वन संरक्षक-सह-सदस्य सचिव, बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण अमित कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी भागलपुर आशुतोष राज, आर्द्रभूमि विशेषज्ञ डॉ. सरोज कुमार बारिक, अभिषेक, मनीष कुमार, मो. अरसद मसूद, वन क्षेत्र पदाधिकारी भागलपुर कुमार गौतम सहित विभिन्न वन प्रमंडलों के पदाधिकारी, वनपाल एवं वनरक्षी मौजूद रहे।
















