


नवगछिया के गोपालपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यक कार्यों को लेकर गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में अनुश्रवण सह निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख रागिनी देवी ने की, जबकि संचालन अंचलाधिकारी रोशन कुमार ने किया। बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य, तटबंध की स्थिति, पेयजल, शौचालय, पशु चारा और जीआर राशि सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
ब्रह्मोत्तर तटबंध की मरम्मत पर प्रमुख ने जताई नाराजगी

बैठक के दौरान ब्रह्मोत्तर तटबंध की मरम्मत का मुद्दा प्रमुखता से उठा। प्रखंड प्रमुख रागिनी देवी ने तटबंध की मरम्मत को लेकर अंचलाधिकारी के समक्ष नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि तटबंध की मरम्मत में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है।
प्रमुख ने कहा कि रैयती जमीन का हवाला देकर तटबंध की मरम्मत के कार्य को सीमित कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष बाढ़ का पानी ओवरफ्लो होने के बाद बालू भरी बोरियों के सहारे तटबंध को बचाने का प्रयास किया जाता है। इसके बजाय बाढ़ आने से पहले ही तटबंध को पर्याप्त रूप से मजबूत और दुरुस्त किया जाना चाहिए, ताकि हर वर्ष बाढ़ के समय उत्पन्न होने वाली परेशानी को कम किया जा सके।

पांच पंचायतें बाढ़ से प्रभावित
बैठक में अंचलाधिकारी रोशन कुमार ने बाढ़ की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रखंड की पांच पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें चार पंचायतें आंशिक रूप से, जबकि एक पंचायत पूर्ण रूप से प्रभावित है। तीनटंगा करारी पंचायत के सभी 28 वार्डों को प्रभावित क्षेत्र के रूप में चयनित किया गया है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जीआर राशि के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र लाभुकों को ही राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
पेयजल और शौचालय की व्यवस्था का उठा मुद्दा
बैठक में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में लोगों को मूलभूत सुविधाओं की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में राहत शिविरों और प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल तथा शौचालय की समुचित व्यवस्था आवश्यक है।
इसके अलावा बाढ़ के कारण प्रभावित पशुपालकों के सामने पशु चारे की समस्या पर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पर्याप्त मात्रा में पशु चारा उपलब्ध कराने की मांग की।
पशु चारा की समस्या दूर करने का आश्वासन
बीडीओ कुंदन कुमार ने बैठक में पशु चारा की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों की जरूरत को देखते हुए आवश्यक स्तर पर व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और सरकारी सहायता पहुंचाने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने रखी समस्याएं
बैठक में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधांशु कुमार, प्रमुख प्रतिनिधि निकेत बिहारी, अंचल नाजिर ललन कुमार, मुखिया अजय चौधरी, नगीना पासवान, अमित चौधरी, मनकेश्वर सिंह, विजय सिंह, वार्ड प्रतिनिधि निर्मल कुमार यादव, पंचायत समिति सदस्य मनोज रविदास, भाजपा नेता रंजीत झा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी मौजूद थे।
बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा के साथ राहत कार्यों को प्रभावी बनाने और लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान करने पर चर्चा की गई। वहीं, ब्रह्मोत्तर तटबंध की मरम्मत को लेकर प्रखंड प्रमुख की नाराजगी ने तटबंध की सुरक्षा और समय रहते उसके सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया।
















