


नवगछिया । बाढ़ की गंभीर स्थिति और तटबंधों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है। शनिवार को प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने नवगछिया, रंगरा और गोपालपुर प्रखंड के विभिन्न बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने तटबंधों की मौजूदा स्थिति, कटावरोधी कार्यों की प्रगति और संभावित खतरे वाले स्थानों की जानकारी ली।

निरीक्षण टीम में आईजी विवेक कुमार, जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, नवगछिया एसपी वैभव शर्मा, अनुमंडल पदाधिकारी के. परीक्षित, डीसीएलआर शैलेंद्र कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने मौके पर संबंधित विभागों के पदाधिकारियों और अभियंताओं से तटबंधों की स्थिति और बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
पुरानी रेलवे लाइन और कालिबलिया-धोबनिया का लिया जायजा
अधिकारियों की टीम ने सबसे पहले रंगरा प्रखंड के बनिया-बैसी क्षेत्र स्थित पुरानी रेलवे लाइन और कालिबलिया-धोबनिया क्षेत्र में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। टीम ने संवेदनशील स्थलों पर तटबंध की स्थिति, पानी के दबाव और किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों की जानकारी ली।

प्रमंडलीय आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों से चल रहे कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संवेदनशील स्थलों पर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जहां तत्काल सुरक्षात्मक कार्य की आवश्यकता है, वहां बिना विलंब कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
ब्रह्मोत्तर बांध की मजबूती पर जोर
इसके बाद अधिकारियों की टीम गोपालपुर प्रखंड के ब्रह्मोत्तर बांध पहुंची। यहां तटबंध की मजबूती, सुरक्षा व्यवस्था और कमजोर संभावित स्थानों का बारीकी से जायजा लिया गया। हाल में तटबंध पर उत्पन्न कटाव और ब्रीच की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।
प्रमंडलीय आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए। जलस्तर या पानी के दबाव में अचानक वृद्धि होने अथवा कटाव की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने विभागीय टीमों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने को कहा।
अधिवक्ता ने रखीं क्षेत्र की समस्याएं
निरीक्षण के दौरान पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता मुकेश कुमार ने अधिकारियों के समक्ष क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को रखा। उन्होंने ब्रह्मोत्तर तटबंध की मजबूती के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की मांग की। साथ ही स्पर-9 से एनएच-31 तटबंध तक निर्माण कार्य कराने की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी।
अधिवक्ता मुकेश कुमार ने कहा कि इस निर्माण से क्षेत्र को बाढ़ के खतरे से राहत मिलने के साथ ही जाह्नवी चौक से एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए तटबंध एवं संपर्क मार्ग से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और संवेदनशील स्थलों पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
निरीक्षण के दौरान बीडीओ कुंदन कुमार, सीओ रोशन कुमार, थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर रविशंकर सिंह, जल संसाधन विभाग के अभियंता समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद संवेदनशील तटबंधों पर निगरानी और बचाव कार्यों को और तेज करने के निर्देश दिए गए।
















