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पटना। आचार्य शत्रुघ्न प्रसाद शोध संस्थान, पटना के तत्वावधान में रविवार को बिहार विधान परिषद सभागार में बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता एवं स्तंभकार प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता की पुस्तक ‘राष्ट्रीय चेतना की अभिव्यक्ति’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पुस्तक को राष्ट्रीय चेतना, जनजागरण और वैचारिक विमर्श की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि उन्हें राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने में प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी पुस्तक भी पाठकों को राष्ट्रवादी विचारों से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि पुस्तक राष्ट्र जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद ने पुस्तक की भाषा-शैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि कॉमर्स के प्राध्यापक प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने सहज और सरल हिंदी में गंभीर विषयों को प्रस्तुत किया है, जिससे सामान्य पाठकों के लिए भी पुस्तक को समझना आसान है।

कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि पुस्तक में अखंड भारत की अवधारणा समेत कई राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा की गई है। उन्होंने इसे युवाओं के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि लेखक ने भारत विभाजन की पीड़ा, राजनीति में आए बदलाव और सत्ता प्राप्ति के लिए किए गए असंवैधानिक कार्यों जैसे विषयों पर भी विचार रखा है। उन्होंने पंजाब में प्रधानमंत्री की गाड़ी रोके जाने के प्रसंग से संबंधित आलेख का भी उल्लेख किया।
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के मीडिया अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार भगत ने बताया कि पुस्तक में कुल 36 आलेख हैं, जिन्हें मुख्य रूप से तीन भागों में रखा गया है। पहले भाग में समकालीन मुद्दों, दूसरे में वैचारिक विषयों और तीसरे में विमर्श आधारित आलेख शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी आलेखों का मूल तत्व राष्ट्रीय चेतना है, जिसमें राष्ट्रहित, राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और राष्ट्र जागरण की भावना शामिल है।

वरिष्ठ लेखक राकेश प्रवीर ने कहा कि पुस्तक के आलेखों में तर्क और विश्लेषण के साथ समाज, राज्य और देश से जुड़े विषयों पर चिंता दिखाई देती है। ये आलेख पाठकों में जिज्ञासा पैदा करने के साथ कई विषयों पर विचार करने के लिए प्रेरित करते हैं।
पुस्तक के लेखक प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने रचना प्रक्रिया और पुस्तक की वैचारिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुस्तक में समकालीन राष्ट्रीय और सामाजिक विषयों को तथ्य एवं तर्क के आधार पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
कार्यक्रम का संचालन बीएचयू के हिंदी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ज्योति ने किया। अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवर्तन आचार्य शत्रुघ्न प्रसाद शोध संस्थान की अध्यक्ष प्रो. अनीता ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिवानी ने किया। कार्यक्रम में बिहार विधानमंडल के सदस्य, कुलपति, प्राध्यापक, शोधार्थी, साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग और पत्रकार उपस्थित रहे। पुस्तक का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन, नई दिल्ली ने किया है।
















