


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भाजपा के श्रीनारायण साह मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू तांती हत्याकांड का भागलपुर पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मुख्य शूटर अक्षय यादव उर्फ नरेश उर्फ नीतीश और लाइनर सुमन कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पूर्व पार्षद एवं भाजपा नेता शशि मोदी ने तीन लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की थी।
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और सिटी एसपी अतुलेश झा के निर्देशन में गठित एसआईटी ने गुरुवार देर रात मुंगेर जिले के सीताकुंड में छापेमारी कर कथित मुख्य शूटर अक्षय यादव को गिरफ्तार किया। वहीं लाइनर सुमन कुमार को कुतूबगंज इलाके से पकड़ा गया।

पुलिस के मुताबिक, अक्षय यादव के पास से वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल और एक धारदार गुप्ति बरामद की गई है। लाइनर सुमन के पास से वह मोबाइल फोन जब्त किया गया है, जिसके जरिए कथित तौर पर वारदात के दौरान शूटरों को उमा भूषण की लोकेशन दी जा रही थी।
तीन लाख रुपये में तय हुआ था हत्या का सौदा:
एसआईटी की पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि उमा भूषण तांती को रास्ते से हटाने के लिए पूर्व पार्षद शशि मोदी ने कथित तौर पर शूटर अक्षय यादव के साथ तीन लाख रुपये में हत्या का सौदा तय किया था। जांच में यह भी सामने आया है कि अक्षय पहले भागलपुर में वाहन चालक के रूप में काम करता था और बाद में आपराधिक गतिविधियों से जुड़ गया।
इस मामले में पुलिस शशि मोदी की पत्नी और वार्ड 51 की पार्षद दीपिका कुमारी को घटना के तीसरे दिन ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस दबिश के बीच मुख्य आरोपित शशि मोदी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। उसके मौसेरे साढ़ू समेत तीन अन्य लोगों को भी पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है।
11 सितंबर को दिनदहाड़े हुई थी हत्या:
11 सितंबर की सुबह करीब दस बजे बबरगंज थाना क्षेत्र के कुतूबगंज कुम्हार टोली के समीप बाइक सवार बदमाशों ने भाजपा मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती पर गोलीबारी की थी। उस समय उमा अपने भतीजे अंकित के साथ ग्लैमर बाइक से जा रहे थे।
परिजनों के अनुसार, हमले में गंभीर रूप से घायल उमा को मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में उन्होंने कथित तौर पर पुरानी रंजिश के चलते शशि मोदी और उसके भांजे कृष्णा मोदी उर्फ किशन मोदी द्वारा हमला करवाए जाने की बात परिजनों को बताई थी। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और आगे की जांच जारी है। हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
















