
स्वामी आगमानंद जी महाराज के आशीर्वाद से प्रत्येक शनिवार को आयोजित हो रहा कार्यक्रम
नवगछिया । परम पूज्य गुरुदेव स्वामी आगमानंद जी महाराज के आशीर्वाद से संचालित सेवा श्री नवगछिया की ओर से शारदीय नवरात्र की सप्तमी पूजा के अवसर पर शनिवार को बजरंगबली का महाप्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर धार्मिक श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण के बीच मां दुर्गा की आराधना की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां भगवती की आराधना के साथ हुआ। उपस्थित भक्तजनों ने मां दुर्गा की आरती ‘जय अम्बे गौरी’ का सामूहिक गायन किया तथा क्षमा स्तुति के साथ माता से सुख, शांति और कल्याण की कामना की। इसके बाद विधिवत रूप से भोग अर्पित कर महाप्रसाद वितरण का शुभारंभ किया गया।
कन्या स्वरूप में विराजमान भगवती को लगाया गया भोग
नवरात्र की सप्तमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कन्या पूजन को विशेष महत्व दिया गया। सर्वप्रथम उपस्थित कन्याओं को भगवती का स्वरूप मानकर भोग अर्पित किया गया। सेवा श्री परिसर में सैकड़ों की संख्या में कन्याएं उपस्थित रहीं। सेवा श्री के कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले कुमारी कन्याओं को महाप्रसाद वितरित किया। इसके बाद अन्य श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
महाप्रसाद के रूप में मां भगवती को प्रिय हलवा का भोग लगाया गया था। हलवे का प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। आयोजन में हजारों लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का भाव देखने को मिला।
निरंतर जारी है सेवा और प्रसाद वितरण का आयोजन

सेवा श्री नवगछिया की ओर से बजरंगबली का महाप्रसाद वितरण कार्यक्रम पिछले कई महीनों से नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है। इस पहल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं की सहभागिता रहती है। धार्मिक आस्था के साथ सेवा और समर्पण की भावना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित इस कार्यक्रम में प्रत्येक सप्ताह भक्तजन एकत्रित होकर पूजा-अर्चना करते हैं और महाप्रसाद ग्रहण करते हैं।
नवरात्र की सप्तमी पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में भी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मां भगवती की आराधना, कन्या स्वरूप में भोग अर्पण और महाप्रसाद वितरण के माध्यम से धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था व्यक्त की गई।
कार्यक्रम का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ। आयोजन ने श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था, सेवा भावना और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया।















