
पानी घटने के बाद भी तटबंध के पास खतरे के निशान से ग्रामीणों में दहशत, जल संसाधन विभाग ने शुरू कराया बचाव कार्य
नवगछिया । इस्माइलपुर-बिंद टोली तटबंध के स्पर संख्या-6 के डाउनस्ट्रीम में सोमवार सुबह धंसान होने से कई जगह दरारें उभर आईं। करीब 80 मीटर के दायरे में दरारें दिखाई देने के बाद आसपास के ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद तटबंध के समीप धंसान और दरारों के निशान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों को आशंका है कि प्रभावित हिस्से की समय रहते समुचित मरम्मत नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मुकेश कुमार ने जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान और बाढ़ प्रमंडल नवगछिया के कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया और बचाव कार्य शुरू कराने की पहल की।
बालू भरी बोरियों से धंसे हिस्से को सुरक्षित करने की कोशिश
जल संसाधन विभाग ने बाढ़ से बचाव के लिए चलाए जाने वाले फ्लड फाइटिंग कार्य के तहत प्रभावित स्थल पर मरम्मत शुरू करा दी है। धंसान वाले हिस्से को सुरक्षित करने के लिए बेडवार बनाया जा रहा है। इसके बाद एनसी डालकर बालू भरी बोरियों की मदद से खाली और धंसे हुए स्थानों को भरने का काम किया जा रहा है।
सोमवार दोपहर बाद बचाव कार्य में तेजी लाई गई, ताकि प्रभावित हिस्से को जल्द से जल्द सुरक्षित किया जा सके। विभागीय अभियंताओं की देखरेख में मरम्मत कार्य जारी रहा।

कार्यपालक अभियंता ने तटबंध को बताया सुरक्षित
बाढ़ प्रमंडल नवगछिया के कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि स्पर संख्या-6 के डाउनस्ट्रीम में जहां धंसान हुआ है, वहां एनसी डालकर खाली हिस्सों को भरने और प्रभावित स्थल को सुरक्षित करने का काम कराया जा रहा है। उन्होंने तटबंध को सुरक्षित बताया।
मौके पर सहायक अभियंता ई. अमितेश कुमार, नयन कुमार, अधिवक्ता मुकेश कुमार सहित जल संसाधन विभाग के अन्य अभियंता मौजूद थे।
बचाव कार्य पर टिकी ग्रामीणों की नजर
स्पर संख्या-6 के डाउनस्ट्रीम में करीब 80 मीटर तक दरारें सामने आने के बाद ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। पानी घटने के बावजूद तटबंध के समीप धंसान होने से लोग संभावित खतरे को लेकर सतर्क हैं। फिलहाल ग्रामीणों की नजर विभाग की ओर से कराए जा रहे बचाव कार्य और प्रभावित हिस्से की सुरक्षा पर टिकी है।















