


पूर्णिया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमवार को मिल्लिया फखरूद्दीन अली अहमद बी.एड. टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, रामबाग में अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2026 के तहत विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बी.एड. सत्र 2025-27 एवं 2026-28 के प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के सहायक प्राध्यापक एवं समन्वयक डॉ. मुरलीधर कुमार के नेतृत्व में हुआ। सुबह से ही कॉलेज परिसर में उत्साह का माहौल रहा और प्रशिक्षुओं ने शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई।
इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग, क्विज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर वाद-विवाद तथा कविता पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने नई शिक्षा नीति-2020, मातृभाषा में शिक्षा, कौशल विकास, समावेशी शिक्षा एवं विकसित भारत-2047 की अवधारणा को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
क्विज प्रतियोगिता में नई शिक्षा नीति, भारतीय शिक्षा परंपरा और समसामयिक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे गए। वहीं “शिक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: वरदान या अभिशाप” विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में अपने तर्क रखे। कविता पाठ प्रतियोगिता में प्रशिक्षुओं ने शिक्षा, गुरु-शिष्य परंपरा और राष्ट्र निर्माण पर आधारित स्वरचित एवं प्रसिद्ध कवियों की रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मुरलीधर कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारतीय शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भावी शिक्षकों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच का विकास करते हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, निर्णायक मंडल के सदस्य, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में सफल प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
















