


भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की त्रासदी थमने का नाम नहीं ले रही है। सबसे ज्यादा असर सबौर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहां दर्जनों घर गंगा की धारा में समा चुके हैं। लोग खुले आसमान के नीचे आश्रय लेने को मजबूर हैं और खाने-पीने तक की समस्या से जूझ रहे हैं।
सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को अनुदान राशि देने की घोषणा की थी, जिसे सीधे लाभुकों के बैंक खातों में भेजा जाना था। लेकिन सबौर प्रखंड के कई ग्रामीणों के खातों में अब तक यह राशि नहीं पहुंच पाई। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सबौर ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा किया।
ग्रामीणों ने ब्लॉक कार्यालय का घेराव करते हुए प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को राहत राशि नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि बाढ़ से घर-बार उजड़ गए हैं, लोग दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा घोषित मदद अब तक उनके हाथों तक नहीं पहुंची।
सूचना मिलते ही ब्लॉक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जा रही है और जिन खातों में राशि नहीं पहुंची है, उन्हें शीघ्र ही भुगतान कर दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही राहत राशि उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे और भी उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी कारणों की पड़ताल की जा रही है। एक ओर जहां बाढ़ ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं राहत राशि में देरी ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं।













