


नवगछिया। लोक आस्था और धार्मिक परंपरा से जुड़े बिहुला विषहरी पूजा समारोह की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। नवगछिया के बिहुला चौक स्थित डाकघर के समीप आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय पूजा समारोह की शुरुआत 16 अगस्त से होगी। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और पूजा स्थल पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

आयोजन समिति के अनुसार, 16 अगस्त की सुबह संता पूजन के साथ पूजा समारोह की शुरुआत होगी। इसके बाद शाम को बिहुला के मंडप का पूजन किया जाएगा। रात्रि में मां विषहरी की प्रतिमा के साथ मंजूषा का आगमन होगा। पूजा आयोजन को लेकर स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
17 अगस्त को नागपंचमी के अवसर पर सुबह आठ बजे से विधिवत पूजा-अर्चना शुरू होगी। इस दौरान श्रद्धालुओं की ओर से मां विषहरी को दूध और लावा अर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही डलिया भराई, प्रसाद वितरण सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। दोपहर में बंगाल से आए ढाक एवं शहनाई वादकों की ओर से पारंपरिक वाद्य प्रस्तुति दी जाएगी।
शाम छह बजे ‘एक दीप बिहुला के नाम’ कार्यक्रम के तहत बिहुला चौक स्थित मंदिर में दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु दीप प्रज्वलित कर मां बिहुला विषहरी का स्वागत करेंगे। इसके बाद माता रानी की महाआरती आयोजित की जाएगी।
इसी दिन शाम आठ बजे से बाला लखेंद्र की बारात का भ्रमण कार्यक्रम होगा। बारात कुम्हारपट्टी से निकलकर बाजार के विभिन्न मार्गों से होते हुए पूजा स्थल पहुंचेगी। इसके बाद रात करीब दस बजे विधि-विधान के साथ बिहुला और बाला लखेंद्र के विवाहोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
पूजा समारोह के तीसरे दिन 18 अगस्त को सुबह सात बजे पूजा-अर्चना होगी। सुबह नौ बजे से भगत जी की मनौती पूजा और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद सुबह दस बजे से मुंडन पूजन, अन्य मनोकामना पूजन एवं हवन पूजन कराया जाएगा। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।
शाम पांच बजे से विसर्जन पूजन का कार्यक्रम शुरू होगा। इसके बाद शाम छह बजे मां विषहरी की प्रतिमा को विसर्जन के लिए निकाला जाएगा। प्रतिमा का बाजार के विभिन्न मार्गों से भ्रमण कराया जाएगा और इसके बाद विधिवत विसर्जन के साथ तीन दिवसीय बिहुला विषहरी पूजा समारोह का समापन होगा।
बिहुला विषहरी के सेवक मुकेश राणा ने बताया कि मां बिहुला विषहरी के स्वागत और पूजा-अर्चना को लेकर नवगछिया के लोगों में विशेष उत्साह है। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को ‘एक दीप बिहुला के नाम’ कार्यक्रम के तहत नवगछिया के लोगों से अपने-अपने घरों में एक दीप जलाकर माता का स्वागत करने की अपील की गई है। इस पहल को लेकर शहरवासियों का काफी सहयोग मिल रहा है।
मुकेश राणा ने बताया कि बिहुला चौक स्थित मंदिर के साथ-साथ शहर के अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए नवगछिया प्रशासन की ओर से भी सहयोग मिल रहा है।
पूजा स्थल की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पूजा स्थल पर आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बिहुला विषहरी पूजा को लेकर नवगछिया में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल है। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा समारोह में शामिल होंगे और मां विषहरी का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
















