


नवगछिया। बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पटना के सदस्य डॉ. सुग्रीव दास ने शुक्रवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, नवगछिया का निरीक्षण किया। भागलपुर जिले के भ्रमण के दौरान विद्यालय पहुंचे आयोग के सदस्य ने छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, विद्यालय की व्यवस्थाओं तथा बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान डॉ. सुग्रीव दास ने विद्यालय परिसर का जायजा लिया और छात्राओं के लिए उपलब्ध शैक्षणिक, आवासीय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में विद्यालय प्रबंधन से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वच्छता, आवासीय व्यवस्था तथा उनके अधिकारों से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक बलराम रजक के साथ जुली कुमारी, साधना कुमारी, प्रीति सागर, लक्ष्मी कुमारी, चिरंजीव कुमार मंडल सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे। विद्यालय प्रबंधन की ओर से आयोग के सदस्य को विद्यालय की वर्तमान व्यवस्थाओं और छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी गई।
इस दौरान विद्यालय परिसर की चारदीवारी तथा सड़क से जुड़ी समस्याओं को भी आयोग के सदस्य के समक्ष रखा गया। विद्यालय प्रबंधन ने इन समस्याओं के समाधान की आवश्यकता बताई। डॉ. सुग्रीव दास ने संबंधित समस्याओं की जानकारी विभागीय स्तर तक पहुंचाने तथा आवश्यक पहल कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं के लिए सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
निरीक्षण के बाद डॉ. सुग्रीव दास ने विद्यालय की समग्र व्यवस्था को संतोषजनक बताया। हालांकि, उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा छात्राओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
आयोग के सदस्य ने कहा कि छात्राओं को केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य, सुरक्षा, कानून, बाल अधिकार तथा बालिकाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की भी नियमित जानकारी दी जानी चाहिए। इससे छात्राएं अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगी तथा किसी भी परिस्थिति में स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक हो सकेंगी।
डॉ. सुग्रीव दास ने कहा कि बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। विद्यालय में ऐसा सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण होना चाहिए, जहां छात्राएं बिना किसी झिझक के अपनी समस्याओं को शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन के समक्ष रख सकें। उन्होंने कहा कि छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और समय पर उसका समाधान करना विद्यालय प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को छात्राओं की सुविधाओं और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने तथा शिक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान आयोग के सदस्य ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेने के साथ उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाना रहा।
















