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भागलपुर। जिले में माइक्रो फाइलेरिया की रोकथाम और पहचान के लिए 15 से 25 सितंबर के बीच नाइट ब्लड सर्वे कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह सर्वे जिले के सभी प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों में एक साथ चलाया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. दीनानाथ ने जानकारी दी कि प्रत्येक प्रखंड और शहरी क्षेत्र में एक लैब तकनीशियन सहित कुल चार स्वास्थ्यकर्मियों की टीम बनाई गई है। ये टीमें रात 8:30 बजे के बाद रैंडम और सेंटिनल साइट पर 600 लोगों का ब्लड सैंपल लेंगी। उन्होंने बताया कि यदि लिए गए 600 सैंपल में से 1 प्रतिशत यानी छह या उससे अधिक लोग फाइलेरिया पॉजिटिव पाए जाते हैं तो उस प्रखंड या क्षेत्र को फाइलेरिया प्रभावित माना जाएगा।

डॉ. दीनानाथ ने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए राउंड) के तहत लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी। इससे फाइलेरिया संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर के रूप में सीनियर लैब तकनीशियन रौशन कुमार ने सभी लैब तकनीशियनों को सैंपल कलेक्शन, स्टेनिंग और रिपोर्टिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। मौके पर भीडीसीओ आरती कुमारी, डेवलपमेंट पार्टनर पिरामल स्वास्थ्य के पीएलसीडी विजय कुमार, सीफार से सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट जय प्रकाश कुमार, जिला फाइलेरिया कार्यालय के जितेंद्र कुमार, माखन मंडल और शहर के बुधिया व हुसैनाबाद शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रतिनिधि सहित सभी प्रखंडों के लैब तकनीशियन उपस्थित थे।

वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरती कुमारी ने नाइट ब्लड सर्वे को सफल बनाने के लिए स्थानीय जन प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों के सहयोग से लोगों में फाइलेरिया की गंभीरता के प्रति जागरूकता लाई जा सकती है और सर्वे में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वे कार्यक्रम का उद्घाटन संबंधित क्षेत्रों में जन प्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी से करवाने की व्यवस्था की गई है।

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