


प्रदीप विद्रोही
कहलगांव (भागलपुर)। सरकारी विद्यालयों में बदलाव की बयार को आगे बढ़ाने वाले कहलगांव प्रखंड के प्रधान शिक्षकों ने मंगलवार को अपने योगदान का पहला वर्ष पूरा होने पर बीआरसी परिसर में मिलन समारोह आयोजित किया। यह आयोजन केवल वर्षगांठ मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बीते एक वर्ष में शिक्षा के क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों, चुनौतियों और उपलब्धियों की साझेदारी का मंच बन गया।
कार्यक्रम में प्रधान शिक्षकों ने केक काटकर और मिठाई खिलाकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। साथ ही विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बच्चों की नियमित उपस्थिति, अभिभावकों की बढ़ती भागीदारी, बेहतर विद्यालय प्रबंधन और नवाचार आधारित शिक्षण के अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि सीमित संसाधनों और विभिन्न प्रशासनिक चुनौतियों के बावजूद विद्यालयों में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी गई है।
प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक विवेकानंद सिंह ने कहा कि यह दिन केवल सेवा का एक वर्ष पूरा होने का अवसर नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण, नेतृत्व और उपलब्धियों का उत्सव है। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय की पहचान उसकी इमारत से नहीं, बल्कि उसके नेतृत्व से होती है। प्रधान शिक्षक बच्चों के सपनों के संरक्षक, शिक्षकों के मार्गदर्शक और समाज के भविष्य के निर्माता होते हैं। उनके अनुसार पिछले एक वर्ष में प्रधान शिक्षकों के प्रयासों से सरकारी विद्यालयों के प्रति समाज का विश्वास और मजबूत हुआ है।
संघ के महासचिव सतीश तिवारी ने कहा कि अब उद्देश्य केवल विद्यालय का संचालन करना नहीं, बल्कि ऐसे प्रेरणादायी विद्यालय विकसित करना है, जहां हर बच्चा खुशी के साथ सीखने आए और जिसकी पहचान पूरे बिहार में उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में बने।
समारोह में कृष्णनंदन उपाध्याय, दीपक झा, मुकेश कुमार, सर्वोत्तम शर्मा, रिकेश कुमार, अर्जुन केशरी, शिखा कुमारी, रानी सुप्रिया कुंदन, नंदनी कुमारी, मनीष कुमार, पंकज झा, कौशल किशोर, अभिनव कुमारी, संतोष भारती सहित बड़ी संख्या में प्रधान शिक्षक मौजूद रहे। सभी ने शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर लगातार कार्य करने का संकल्प दोहराया।

















