


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में कहलगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक शुभानंद मुकेश ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए शिक्षा, परिवहन, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण और जनसुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने तारांकित प्रश्न, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, याचिका, निवेदन और नियम-104 के तहत विभिन्न विषयों को सदन में रखा।
विधायक ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से कहलगांव प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में गणित, विज्ञान, समाजशास्त्र एवं संगीत विषय के शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाया। सरकार ने उत्तर में बताया कि बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026 के तहत रिक्त पदों पर चरणबद्ध नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है तथा TRE-4 के माध्यम से भी शिक्षकों की बहाली की जाएगी।
सदन में कहलगांव उत्तरवाहिनी गंगा तट स्थित श्मशान घाट से संचालित जलयान सेवा का मुद्दा भी गूंजा। विधायक ने कहा कि श्मशान घाट से जलयान संचालन होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है। परिवहन विभाग ने बताया कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद आपातकालीन व्यवस्था के तहत अस्थायी जेट्टी बनाकर जलयान सेवा शुरू की गई थी। विधायक ने सरकार से वैकल्पिक स्थायी जेट्टी विकसित करने की मांग की।
उन्होंने याचिका के माध्यम से कहलगांव एवं सन्हौला क्षेत्र में कृषि भूमि से हो रहे अवैध मिट्टी खनन पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि इससे खेती, पर्यावरण और भू-जल संरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
शून्यकाल के दौरान गोराडीह प्रखंड के हरसा मध्य विद्यालय की जर्जर सुरक्षा दीवार का मामला उठाते हुए विधायक ने कहा कि करीब 300 बच्चों की सुरक्षा खतरे में है और शीघ्र नई दीवार का निर्माण कराया जाना चाहिए।
निवेदन के माध्यम से उन्होंने कहलगांव और सन्हौला के ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित सार्वजनिक बस सेवा शुरू करने की मांग की। उनका कहना था कि परिवहन सुविधा के अभाव में विद्यार्थियों, महिलाओं, किसानों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विधायक शुभानंद मुकेश ने नियम-104 के तहत घोघा-पंजवारा मुख्य मार्ग पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि जनवरी से मई 2026 के बीच इस मार्ग पर लगभग 199 सड़क दुर्घटनाएँ हुई हैं। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।
विधायक ने कहा कि कहलगांव विधानसभा क्षेत्र की जनता की सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार सदन में उठाए गए जनहित के मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करेगी।
















