


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भागलपुर की जेलें अब सिर्फ कैदियों को रखने की जगह नहीं रहेंगी, बल्कि इनके बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था को भी नए सिरे से मजबूत किया जाएगा। स्पेशल सेंट्रल जेल और शहीद जुब्बा सहनी सेंट्रल जेल परिसर के सौंदर्याकरण और जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
भवन निर्माण विभाग, भवन प्रमंडल भागलपुर ने दोनों जेल परिसरों के विकास कार्यों के लिए शॉर्ट टेंडर जारी किया है। योजना में जेल परिसर के पुराने ढांचे को बेहतर बनाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
आसमान से होगी निगरानी, बनेंगे दो नए वॉच टॉवर:

शहीद जुब्बा सहनी सेंट्रल जेल में दो नए वॉच टॉवर बनाए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत प्रस्तावित इस निर्माण से जेल परिसर की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना है।
इन टॉवरों के जरिए जेल परिसर के संवेदनशील हिस्सों पर ऊंचाई से नजर रखी जा सकेगी। यानी जेल की सुरक्षा व्यवस्था में अब जमीन के साथ-साथ ऊंचाई से निगरानी का इंतजाम भी होगा।
एक टेंडर में जेल और कोर्ट के छह टॉवर:
इस टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ जेल ही नहीं, बल्कि नंदघाट कोर्ट में चार टॉवर के निर्माण का काम भी शामिल किया गया है। इस तरह एक ही टेंडर चक्र में नंदघाट कोर्ट के चार और शहीद जुब्बा सहनी सेंट्रल जेल के दो टॉवर के निर्माण का रास्ता साफ किया गया है।
29 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन:
भवन निर्माण विभाग की ओर से 8 सितंबर को जारी जानकारी के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया 5 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। संबंधित निर्माण कार्यों के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 29 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
जेलों के जीर्णोद्धार और सौंदर्याकरण की यह कवायद पूरी होने के बाद भागलपुर के दोनों प्रमुख जेल परिसरों का स्वरूप बदलने के साथ उनकी सुरक्षा संरचना को भी पहले से अधिक मजबूत किए जाने की उम्मीद है।

















