


@ भागलपुर पुलिस ने स्कूलों में शुरू की डिजिटल सुरक्षा की ‘क्लास’, छात्रों को बताया – एक क्लिक कैसे खाली कर सकता है बैंक खाता।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। पहले स्कूलों में बच्चों को गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान पढ़ाया जाता था, लेकिन अब पाठ्यक्रम में एक नया विषय तेजी से जुड़ रहा है—साइबर सुरक्षा। इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भागलपुर पुलिस ने मंगलवार को जिलेभर के स्कूलों में ऐसा अभियान चलाया, जिसका मकसद बच्चों को केवल जागरूक करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने परिवार का ‘साइबर सुरक्षा दूत’ बनाना था।
Cyber Smart Tuesday अभियान के तहत नवयुग विद्यालय, आदमपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में साइबर थाना की टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि आज का साइबर अपराधी हथियार नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन के जरिए लोगों को निशाना बनाता है।
ठगी के नए-नए हथकंडों से कराया परिचय
कार्यक्रम में छात्रों को बताया गया कि फर्जी कस्टमर केयर नंबर, डिजिटल अरेस्ट, KYC अपडेट, बिजली बिल, निवेश, नौकरी, लोन, लॉटरी, QR कोड, स्क्रीन शेयरिंग ऐप और फिशिंग लिंक जैसे हथकंडों के जरिए लोग हर दिन ठगी का शिकार हो रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में OTP, UPI PIN, CVV, बैंक विवरण या पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
किताबों से ज्यादा काम आएंगे ये डिजिटल नियम
पुलिस टीम ने बच्चों को मजबूत पासवर्ड बनाने, Two-Factor Authentication (2FA) का उपयोग करने, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखने और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच करने की सलाह दी। छात्रों को यह भी बताया गया कि साइबर अपराध होने पर समय सबसे बड़ा हथियार होता है। ऐसे मामलों में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना देने या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से आर्थिक नुकसान को रोका जा सकता है।
संवाद में निकले कई सवाल:
कार्यक्रम का सबसे रोचक हिस्सा संवाद सत्र रहा। छात्रों और शिक्षकों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका साइबर थाना की टीम ने आसान और व्यावहारिक भाषा में जवाब दिया। पुलिस ने बच्चों से अपील की कि वे घर जाकर अपने माता-पिता, दादा-दादी और आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताएं।
जिलेभर में चला अभियान:
सिर्फ नवयुग विद्यालय ही नहीं, बल्कि भागलपुर के सभी अनुमंडलों और थाना क्षेत्रों के स्कूलों एवं शिक्षण संस्थानों में भी Cyber Smart Tuesday के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस टीमों ने छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
‘एक जागरूक बच्चा, सुरक्षित परिवार’:
भागलपुर पुलिस का मानना है कि यदि बच्चे साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगे तो वे अपने परिवार को भी ऑनलाइन ठगी से बचा सकेंगे। इसी उद्देश्य से जिले में ऐसे कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि साइबर अपराधियों के खिलाफ समाज की पहली सुरक्षा दीवार स्वयं जागरूक नागरिक बन सकें।

















