



भागलपुर : कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा ने शनिवार को भागलपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिले में 2,44,612 वोटरों का नाम मतदाता सूची से काटा गया है, जो बेहद चिंता का विषय है।
प्रवीण सिंह ने कहा कि एक साल पहले भाजपा को इन्हीं लोगों के वोट की ज़रूरत थी, जिनके समर्थन से उन्होंने चुनाव जीता। लेकिन आज वही वोटर उन्हें ‘अवैध’ लगने लगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के किसी जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर वोटर लिस्ट से कैसे हटाया जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में उन मजदूरों का नाम भी काट दिया गया है, जो आजीविका के लिए बाहर राज्यों में काम करने गए हैं। इससे अब वे न केवल मतदान के अधिकार से वंचित रह जाएंगे, बल्कि सरकार की योजनाओं और लाभों से भी बाहर हो सकते हैं।
प्रवीण सिंह ने आरोप लगाया कि यह साजिश विशेष रूप से दलित, महादलित और पिछड़ा वर्ग के वोटरों को निशाना बनाकर की गई है। उन्होंने कहा कि यह महागठबंधन समर्थक मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने की सोची-समझी रणनीति है।

प्रेस वार्ता के दौरान प्रवीण सिंह ने साफ तौर पर कहा, “यह सिर्फ नाम काटना नहीं, बल्कि वोट की चोरी है। भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सभी वैध मतदाताओं के नाम सूची में पुनः शामिल नहीं किए गए, तो कांग्रेस और महागठबंधन बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे।














