



भागलपुर जिले के सबौर थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ी सर्दों गांव में पारिवारिक विवाद ने गुरुवार को हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में मां और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की पहचान नितेश कुमार ठाकुर (पिता–स्वर्गीय राम भरोसे ठाकुर) और शोभा देवी (पति–स्वर्गीय राम भरोसे ठाकुर) के रूप में हुई है।

घायल परिजनों के अनुसार, शोभा देवी अपने स्वर्गीय पति के स्थान पर सरकारी नौकरी कर रही थीं। सेवानिवृत्ति के बाद सरकार की ओर से प्राप्त राशि को उन्होंने अपने दोनों बेटों के बीच बराबर-बराबर बांटने के उद्देश्य से सुरक्षित रख दिया था। इसी राशि को लेकर परिवार में विवाद शुरू हुआ।
शोभा देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बड़े बेटे लक्ष्मीकांत ठाकुर ने पैसे हड़पने की नीयत से उन्हें नशीली दवा खिलाकर एक ब्लैंक चेक पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिया। इसके बाद से लक्ष्मीकांत ठाकुर और उसके परिवार द्वारा उन्हें तथा छोटे बेटे नितेश कुमार ठाकुर को लगातार धमकाया और प्रताड़ित किया जा रहा था। पीड़ितों का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने पहले भी सबौर थाना को सूचना दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आरोप है कि गुरुवार सुबह करीब छह बजे लक्ष्मीकांत ठाकुर अपनी पत्नी खुशबू देवी के साथ घर में घुस आया और लोहे की रॉड तथा झाड़ू से मां-बेटे पर हमला कर दिया। हमले में नितेश कुमार ठाकुर के सिर पर लोहे की रॉड लगने से गंभीर चोट आई और सिर फट गया, जबकि शोभा देवी को भी शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं।

घटना के बाद घायल अवस्था में मां-बेटे स्वयं सबौर थाना पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए दोनों को इलाज के लिए सबौर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल दोनों का इलाज मायागंज अस्पताल में जारी है।
इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पूर्व शिकायत पर पुलिस कार्रवाई करती, तो इस गंभीर घटना को टाला जा सकता था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पीड़ितों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, हालांकि पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।














