


भागलपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘उत्तरायण परियोजना’ की घोषणा की गई। वक्ताओं ने इसे शिक्षा, अध्यात्म, स्वास्थ्य, अनुसंधान, संस्कृति और सामाजिक सेवा को एक मंच पर लाने वाला महत्वाकांक्षी अभियान बताया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, समाजसेवियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
वक्ताओं ने कहा कि उत्तरायण परियोजना का उद्देश्य भागलपुर को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहचान दिलाना है। इसके तहत प्रस्तावित श्री विष्णु उत्तरायण मंदिर एवं ऋष्यश्रृंग आश्रम को केवल धार्मिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि ध्यान, योग, वैदिक अध्ययन, भारतीय संस्कृति के संरक्षण तथा मानव सेवा के समग्र केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

परियोजना के अंतर्गत विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थान, बहुविषयी अनुसंधान केंद्र, आधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, मीडिया सेंटर, कौशल विकास केंद्र तथा विभिन्न सामुदायिक विकास कार्यक्रम स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि इन संस्थानों के माध्यम से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
कार्यक्रम में डीपीएस भागलपुर एवं वी.बी. कॉलेज ऑफ एजुकेशन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम NILET एवं STPI प्रारंभ करने की घोषणा की गई। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों के लिए ‘उत्तरायण छात्रवृत्ति’ योजना की भी घोषणा की गई। इसके तहत एलआईसी समर्थित निधि से प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने की बात कही गई।
वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण को परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए सौर ऊर्जा के उपयोग, वर्षा जल संचयन, हरित परिसर के विकास तथा गंगा पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने सरकार, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों, कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) से जुड़े संगठनों तथा समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागिता की अपील की।
समारोह में डीपीएस भागलपुर के मेधावी छात्र सिद्धांत एवं खुशी को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम के दौरान आगामी 9 अगस्त 2026 को सैंडिस कंपाउंड में आयोजित होने वाले विशेष आध्यात्मिक व्याख्यान की भी घोषणा की गई। अंत में भागलपुर को शिक्षा, सेवा और अध्यात्म के माध्यम से राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिलाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
















