


पूर्णिया : पटना स्थित बिहार विधानसभा परिसर के शहीद स्मारक पर भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से क्रांति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया।
कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं कटिहार प्रभारी बिजेंद्र यादव ने कहा कि वर्ष 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे निर्णायक चरण था। इस आंदोलन ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी और पूरे देश में आजादी की अंतिम लड़ाई का संकल्प मजबूत किया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने हर वर्ग के लोगों को स्वतंत्रता की लड़ाई से जोड़ा और देशवासियों में राष्ट्रभक्ति की नई चेतना का संचार किया।

बिजेंद्र यादव ने कहा कि बिहार की धरती ने भी भारत छोड़ो आंदोलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। यहां के युवाओं, किसानों, छात्रों और आम नागरिकों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए अनेक बलिदान दिए। स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष की बदौलत ही देश को आजादी मिली, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र, संविधान और स्वतंत्रता हमें लंबे संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। इसलिए इन मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को सजग रहने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों को नमन किया तथा उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय, लोकतंत्र, समानता और संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी तथा स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
















