


फरक्का बैराज के 108 फाटक खोले गए
भागलपुर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बाढ़ प्रभावित जिलों, विशेषकर भागलपुर में चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक भागलपुर के समीक्षा भवन से हुई, जिसमें आयुक्त भागलपुर प्रमंडल हिमांशु कुमार राय, पुलिस महानिरीक्षक (पूर्वी क्षेत्र) विवेक कुमार, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत, नवगछिया पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त शुभम कुमार सहित अन्य अधिकारी ऑनलाइन जुड़े।
आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को गंगा किनारे के 10 जिलों में चल रहे बाढ़ राहत कार्य की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 10 जिलों के 54 प्रखंड के 348 पंचायतों में लगभग 24.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें भागलपुर में राहत कार्य तेजी से चल रहा है। यहां एनडीआरएफ की सात में से छह टीमें तैनात हैं। कुल 60 मोटरबोट और 1,233 नावों के माध्यम से 37,000 लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला गया है।
अब तक 52,573 लोगों को पॉलिथिन शीट और 1,785 लोगों को सूखा राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। 8,811 लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में रखा गया है, जहां एसओपी के अनुसार भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 414 सामुदायिक रसोई केंद्रों में अब तक 12 लाख 82 हजार लोगों ने भोजन किया है।
भागलपुर के संबंध में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि जिले के 12 प्रखंडों की 85 पंचायतों के लगभग 6 लाख लोग प्रभावित हैं। 8 अगस्त से सामुदायिक रसोई शुरू की गई थी और वर्तमान में 186 केंद्रों पर अब तक 7 लाख 67 हजार लोगों को भोजन कराया जा चुका है। आवागमन के लिए 104 नावें चलाई जा रही हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की आठ टीमों के 180 जवान 36 मोटरबोट के साथ लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं और अब तक 32,814 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
जिले में 3,360 पशु प्रभावित हुए हैं, जिनके लिए 335 क्विंटल पशु चारा का वितरण हो चुका है। पशु चिकित्सा एवं मानव चिकित्सा दल सक्रिय हैं। कृषि विभाग ने बताया कि 94 प्रतिशत रोपनी हो चुकी है और फसल क्षति का आकलन किया जा रहा है, जिसके बाद जल्द मुआवजा दिया जाएगा। ऊर्जा विभाग ने बताया कि कहीं भी बिजली बाधित नहीं हुई है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि इस्माइलपुर के बिंद टोली में हुए कटाव पर तेजी से कार्य कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और अनुग्रह अनुदान की ₹7,000 की राशि जल्द से जल्द उनके खातों में उपलब्ध कराई जाए।













