


भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-80 पर शनिवार को डायल-112 की तेज रफ्तार गश्ती गाड़ी ने सड़क पार कर रही एक किशोरी को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान कुर्बान गांव निवासी मोहम्मद अबरार की 10 वर्षीय पुत्री मंतशा के रूप में की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंतशा अपने परिजनों के साथ बेड़ा बसाने जा रही थी। इसी दौरान वह एनएच-80 पर सड़क पार कर रही थी, तभी तेज रफ्तार डायल-112 की पुलिस गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई।
मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और एनएच-80 को जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर आगजनी कर आवागमन को पूरी तरह से बाधित कर दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात को लेकर और भड़क उठा कि हादसा पुलिस वाहन से हुआ है। लोगों ने डायल-112 की टीम पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगाया, जिसके कारण मासूम की जान चली गई।
घटना की जानकारी मिलते ही बाईपास थाना सहित बरारी और तातारपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। बाईपास थाना अध्यक्ष प्रभात कुमार ने ग्रामीणों और मृतका के परिजनों से बातचीत कर जाम हटाने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और ग्रामीण कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-80 पर लगातार तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन इस पर कोई नियंत्रण नहीं करता। आए दिन यहां सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक दोषी पुलिसकर्मी पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी, वे आंदोलन जारी रखेंगे।













