


200 बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, चिंता और क्रोध के कारण एवं निवारण की दी गई जानकारी
रोहतास : सीबीएसई से मान्यता प्राप्त डिवाइन पब्लिक स्कूल, बिक्रमगंज में भारतीय योग प्रबंधन संस्थान की ओर से मेंटल हेल्थ मैनेजमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ आचार्य अंशु एवं आचार्य डॉ. प्रभात ने करीब 200 विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया। विद्यालय के निदेशक अखिलेश कुमार ने दोनों आचार्यों का स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए तनाव, चिंता और क्रोध के कारण एवं उनसे बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच के महत्व को समझाया गया।
आचार्य अंशु ने सम्यक दृष्टि और सम्यक जागृति पर विशेष मार्गदर्शन देते हुए कहा कि व्यक्ति को अतीत की घटनाओं में उलझने और भविष्य की चिंता करने के बजाय वर्तमान में रहकर चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के तीन पक्ष होते हैं—तथ्य, कथ्य और सत्य। तथ्य को बदला नहीं जा सकता, इसलिए उससे प्रेरणा लेनी चाहिए, जबकि अनावश्यक कथ्य को छोड़ने की आवश्यकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को रोजाना सृजनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने की सलाह दी। साथ ही कहा कि लोगों के स्वभाव को समझकर आपसी सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है। इससे परिवार, विद्यालय और समाज में प्रेम, सहयोग और सम्मान का वातावरण विकसित करने में मदद मिलती है।
आचार्य डॉ. प्रभात ने सम्यक कर्म के विषय पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया और ध्यान के विभिन्न प्रयोग कराए। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित ध्यान के माध्यम से मन को शांत एवं स्थिर रखने तथा अपने कार्यों पर एकाग्रता बढ़ाने के तरीके बताए।
कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में टीपीएस के निदेशक विजय चौबे भी मौजूद रहे। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक एवं भावनात्मक विकास के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम काफी उपयोगी हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास किया।















