


NS1 किट की रिपोर्ट को अंतिम जांच नहीं मानने की दी जानकारी, शुक्रवार को लगेगा स्वास्थ्य शिविर; लिए जाएंगे मरीजों के सैंपल
नवगछिया के गोपालपुर प्रखंड के धरहरा गांव में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। गुरुवार को भागलपुर के सिविल सर्जन डॉ. दीनानाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। सीएस ने ग्रामीणों से मुलाकात कर मरीजों की जांच रिपोर्ट देखी और बीमारी को लेकर स्थिति की जानकारी ली।

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बताया कि गांव में कई लोग लगातार बुखार से पीड़ित हैं और कुछ मरीजों में प्लेटलेट कम होने की शिकायत भी सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ मरीजों की निजी अस्पतालों और मायागंज अस्पताल में NS1 एंटीजन किट से जांच कराई गई, जिसमें डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट आने की बात कही गई।
NS1 रिपोर्ट अंतिम प्रमाण नहीं : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. दीनानाथ ने ग्रामीणों को बताया कि NS1 एंटीजन किट की रिपोर्ट को डेंगू की अंतिम और प्रमाणिक जांच नहीं माना जाता है। डेंगू संक्रमण की पुष्टि के लिए एलीजा (ELISA) जांच जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से घबराने के बजाय प्रमाणिक जांच कराने की अपील की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रमाणिक जांच के बाद ही यह निर्धारित किया जा सकता है कि मरीज डेंगू से संक्रमित है या नहीं।
एक मरीज की एलीजा जांच पॉजिटिव
गोपालपुर चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुधांशु कुमार ने बताया कि एक मरीज की प्रमाणिक जांच रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में एहतियाती कदम शुरू कर दिए हैं। गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को गांव के सार्वजनिक स्थान पर स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। शिविर में बीमार लोगों के सैंपल लिए जाएंगे और उन्हें एलीजा जांच के लिए भागलपुर भेजा जाएगा, ताकि डेंगू की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।
ग्रामीण बोले—सही जांच और इलाज जरूरी
ग्रामीण मुकेश कुमार, सुजीत कुमार, अमन कुमार और अनिल कुमार ने बताया कि गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। ऐसे में समय पर सही जांच और इलाज होना जरूरी है। ग्रामीणों ने निजी लैब और प्रमाणिक जांच को लेकर भी सवाल उठाया और पूछा कि जांच की विश्वसनीयता तथा निजी लैब की जांच पर निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम के गांव पहुंचने और शुक्रवार को स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने की जानकारी के बाद ग्रामीणों को बीमारी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मौके पर अस्पताल प्रबंधक आतिश कुमार राय, मुखिया प्रतिनिधि विजय सिंह सहित कई ग्रामीण और मरीज मौजूद रहे।
















