
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजहंस कुमार ने दुकानों में गंदगी पर जताई नाराजगी, साफ-सफाई और स्वास्थ्य प्रमाणपत्र रखने का दिया निर्देश
नवगछिया। दीपावली के मद्देनजर बाजार में मिठाइयों की मांग बढ़ने के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई दुकानों की जांच शुरू कर दी है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजहंस कुमार ने नवगछिया बाजार की विभिन्न मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाइयों की गुणवत्ता की जांच के लिए कई खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि नवगछिया बाजार की प्रसिद्ध मिठाई दुकानों के साथ महाराज जी और सोनी डेयरी सहित नवगछिया बस स्टैंड तथा मकंदपुर चौक स्थित दुकानों की जांच की गई। जांच के दौरान पनीर, पेड़ा, घी, लड्डू, कलाकंद, रसकदम और रसगुल्ला सहित अन्य मिठाइयों के नमूने लिए गए। इन नमूनों को रासायनिक जांच के लिए पटना स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला की जांच में यदि किसी मिठाई या खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दुकानों में गंदगी पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कुछ मिठाई दुकानों में साफ-सफाई की स्थिति को लेकर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने दुकानदारों को मिठाई बनाने और परोसने के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। साथ ही मिठाई तैयार करने वाले स्थानों को साफ रखने तथा खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने पर जोर दिया।
दुकानदारों को यह भी निर्देश दिया गया कि मिठाई परोसने वाले कर्मचारी निर्धारित पोशाक पहनें और एप्रन का उपयोग करें, ताकि खाद्य पदार्थों की स्वच्छता बनी रहे।
कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र भी अनिवार्य

जांच के दौरान दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने कहा कि मिठाई दुकानों के संचालकों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों के पास स्वास्थ्य संबंधी उपयुक्त प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। उन्होंने दुकानदारों को निर्देश दिया कि वे कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध रखें और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार के दौरान मिठाइयों की खरीद-बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में मिठाइयों की गुणवत्ता, शुद्धता और स्वच्छता सुनिश्चित करना जरूरी है। अब प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नमूनों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो संबंधित दुकानदारों पर कार्रवाई की जा सकती है।















