


पूर्णिया। जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को महानंदा सभागार में सरकार की जनकल्याणकारी एवं विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक की शुरुआत मुख्यालय पटना से विभिन्न विभागों एवं वरीय अधिकारियों द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण पत्रों के निष्पादन की विभागवार समीक्षा से हुई। इसके बाद माननीय न्यायालय से संबंधित मामलों, लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम (आरटीपीएस), लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, सीपी ग्राम, नीलाम पत्र वाद, कब्रिस्तान घेराबंदी, शिक्षा विभाग, योजना विभाग, जिला पदाधिकारी के सोमवार एवं शुक्रवार को आयोजित जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन, खगड़िया–पूर्णिया फोरलेन निर्माण कार्य तथा जिले में प्रस्तावित डिग्री कॉलेजों के संचालन की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकांश मामलों में प्रगति संतोषजनक पाई गई।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अति महत्वपूर्ण पत्रों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही न्यायालय से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन किया जाए तथा राजस्व मामलों एवं आरटीपीएस के तहत प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटारा किया जाए।
बैठक में बताया गया कि पूर्णिया जिले के अमौर, बैसा, श्रीनगर, केनगर, रुपौली और जलालगढ़ प्रखंडों में स्थापित छह नए डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन 15 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्घाटन एवं कॉलेज संचालन से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।
डीएम ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को खगड़िया–पूर्णिया फोरलेन परियोजना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क परियोजना जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए भूमि अधिग्रहण सहित सभी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
बैठक में सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली के तहत प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को आयोजित ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इस कार्यक्रम के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का शत-प्रतिशत निष्पादन नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए।
इसके अलावा पंचायतों में खेल क्लब निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के मामले की समीक्षा करते हुए डीएम ने उन अंचल अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपयुक्त भूमि का प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिन्होंने अब तक प्रस्ताव नहीं भेजा है।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने तथा आम जनता से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
















