


भागलपुर। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद अब महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम जनता की भूमि से जुड़ी समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभरा है। भागलपुर टाउन हॉल में आयोजित संवाद कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार द्रव्य, दबाव और दलाली की व्यवस्था को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनता बनाम भू-माफिया की इस लड़ाई में सरकार पूरी मजबूती के साथ आम जनता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी दलाल, बिचौलिये या भू-माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। जो सही है, उसे न्याय मिलेगा और जो नियम तोड़ेगा, उस पर कठोर कार्रवाई तय है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद का उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, समझना और उनका नियमसम्मत समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करना है। भूमि सुधार और भूमि विवाद जटिल विषय हैं, जिनमें कानूनी प्रावधानों के साथ जमीनी सच्चाई की गहरी समझ आवश्यक है। इसी सोच के तहत विभाग ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में प्रमंडलवार और जिलावार जनसंवाद आयोजित करने का निर्णय लिया, ताकि जनता से सीधे संवाद कर पारदर्शी और स्थायी नीतियां बनाई जा सकें।
उन्होंने जानकारी दी कि विभाग की लगभग सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। आम लोगों को इन सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके, इसके लिए 12 दिसंबर से पटना से जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई। ऑनलाइन आवेदन में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी केंद्र खोले गए हैं, जहां कंप्यूटर प्रशिक्षित वीएलई मामूली शुल्क पर आवेदन के साथ उचित परामर्श भी उपलब्ध कराएंगे।
कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बीमारी ज्यादा होती है, वहां भीड़ भी अधिक होती है। हंगामा किसी समस्या का समाधान नहीं है, शांतिपूर्ण संवाद से ही रास्ता निकलता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि फर्जी कागजात के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अधिकार दिया गया है। इस अधिकार का सही उपयोग करते हुए सही कार्य में बाधा डालने वाले माफिया तत्वों को जेल भेजा जाए।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस संवाद के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पटना स्थित ज्ञान भवन में राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचल अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई, जहां उन्हें जनता की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली के केंद्र में बिहार की जनता है। पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अब तक किए गए सुधारों की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है, जिसे पूर्ण वैधानिक मान्यता प्राप्त है। नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की व्यवस्था लागू की गई है। एससी और एसटी पर्चाधारियों को शत-प्रतिशत दखल दिलाने के लिए ऑपरेशन भूमि दखल देहानी शुरू किया गया है। परिमार्जन प्लस के अंतर्गत मामलों के निष्पादन के लिए 15, 35 और 75 कार्य दिवस की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है।
उन्होंने बताया कि पारिवारिक बंटवारा पोर्टल के माध्यम से अब बंटवारा और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया सरल हो गई है। पुराने दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और मापी के मामलों के निपटारे के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता को थाना जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए हर शनिवार को थाना की जगह अंचल कार्यालय में जनता दरबार आयोजित किया जाएगा। राजस्व कर्मचारी अब अपने पंचायत में बैठकर कार्य करेंगे। मापी के बाद प्रतिवेदन ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
सरकारी भूमि की गलत जमाबंदी पर तत्काल स्थगन के आदेश के साथ सभी जिलों में लैंड बैंक निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर प्रत्येक अंचल में प्राथमिकी दर्ज करने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं। सभी अंचल कार्यालयों में सूचना पट और शिकायत पेटी लगाना अनिवार्य किया गया है, जिसमें प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से निष्पादन करने का निर्देश अंचल अधिकारियों को दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि बेहतर कार्य करने वाले शीर्ष तीन अंचल अधिकारियों को विभागीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनैतिक आचरण पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने उपस्थित जनसमूह को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और कहा कि माननीय उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह एक नई और ईमानदार पहल है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है। उपमुख्यमंत्री ने इस वर्ष अंचल अधिकारियों को बड़ा अधिकार दिया है, जिसका उपयोग भू-माफियाओं के समूल नाश के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मार्च तक अधिकांश पुराने मामलों के समाधान का लक्ष्य रखा गया है।
इससे पूर्व जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सभी अतिथियों का पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन सचिव गोपाल मीणा ने किया। इस अवसर पर विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, अपर सचिव अजीव वत्सराज, वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर हृदय कांत, नवगछिया एसपी प्रेरणा कुमार, आयुक्त के सचिव विनोद कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी नागेंद्र कुमार गुप्ता, उप निदेशक मोना झा, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी, विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक सुधांशु शेखर, सुमित कुमार आनंद सहित राजस्व मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।













