


@ समापन समारोह में विधायक ने जेन-जी को गांधी से प्रेरणा लेने की दी सीख, गांधी संग्रहालय से लेकर आदमकद प्रतिमा तक की मांग।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गांधी को याद करने के तीन दिनों के समारोह का समापन केवल भाषणों और संकल्पों के साथ नहीं हुआ, बल्कि भागलपुर में गांधी की विरासत को स्थायी रूप देने की मांग के साथ हुआ। एक ओर वक्ताओं ने गांधी के विचारों को अपनाकर देश को विश्वगुरु बनाने की बात कही, तो दूसरी ओर शहर में गांधी संग्रहालय, प्रतिमा और स्वतंत्रता सेनानी दीप नारायण सिंह के आवास को स्मारक के रूप में विकसित करने की आवाज बुलंद हुई।
स्थानीय श्वेतांबर जैन धर्मशाला में गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र और महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय समारोह के अंतिम दिन समापन सत्र को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक रोहित पांडेय ने कहा कि गांधी के रास्ते पर चलकर देश विश्वगुरु बन सकता है। उन्होंने कहा कि आज सक्रिय जेन-जी को गांधी से प्रेरणा लेने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने लोगों से आत्मचिंतन कर अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने की अपील की।
शांति का रास्ता गांधी के विचारों से
शहर के चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि समाज और देश में अमन-शांति कायम करने के लिए गांधी के विचारों को अपनाना जरूरी है। गांधीवादी डॉ. मनोज मीता ने भागलपुर में गांधी संग्रहालय स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने शहर के विकास में दीप नारायण बाबू के योगदान को भी रेखांकित किया।
समाजसेवी अहमद साहब ने चिंता जताई कि लोग धीरे-धीरे गांधी के विचारों से दूर होते जा रहे हैं।शहर के उपमेयर डॉ. सलाउद्दीन अहसन ने कहा कि दुनिया में भारत की पहचान गांधी के देश के रूप में भी होती है।
रक्तदाताओं का सम्मान, सेवा को मिला मंच
समापन सत्र की शुरुआत रक्तदान शिविर में सहयोग करने वाले चिकित्सकों और टीम के सदस्यों के सम्मान से हुई। डॉ. अजय प्रताप सिंह, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. सैयद नूर, विश्वदीप कुमार, प्रियंका कुमारी और उनकी टीम के सदस्यों को सम्मानित किया गया।
गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता ने कार्यक्रम की सफलता में सहयोग करने वालों के प्रति आभार जताया। तकी अहमद जावेद ने भी आयोजन में तन-मन-धन से सहयोग करने वालों को धन्यवाद दिया। कार्यालय मंत्री संजय कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. उमेश प्रसाद और नीरज ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता प्रकाश चंद्र गुप्ता ने की, जबकि संचालन प्रसून लतांत ने किया।
अब गांधी की विरासत को शहर में जगह देने की मांग
समापन के अंतिम दौर में महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह समिति के संयोजक डॉ. सुधीर मंडल ने मांग पत्र प्रस्तुत किया। इसमें स्वतंत्रता सेनानी दीप नारायण सिंह के भागलपुर स्थित आवास को ‘गांधी-दीप नारायण सिंह स्मारक’ के रूप में विकसित करने की मांग प्रमुख रही।
इसके अलावा शहर में उपयुक्त स्थान पर गांधी की प्रतिमा स्थापित करने और जिला समाहरणालय परिसर में गांधी की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग भी उठाई गई।

















