


@ भागलपुर में गांधी विचारों पर तीन दिवसीय आयोजन का आगाज, वक्ताओं ने सत्य-अहिंसा और सद्भाव को बताया आज की जरूरत।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जब पूरा देश निराशा और असहायता के दौर से गुजर रहा था, तब महात्मा गांधी ने अपने विचारों, सत्य और अहिंसक संघर्ष के बल पर लोगों में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार किया। गांधी किसी मजबूरी का नहीं, बल्कि मजबूती और आत्मविश्वास का नाम हैं। ये बातें ग्वालियर से आए प्रसिद्ध गांधीवादी चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कहीं।
स्थानीय श्वेतांबर जैन धर्मशाला में गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र और महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में डॉ. अग्रवाल ने कहा कि गांधीजी ने कमजोर समझे जाने वाले आम लोगों को अपने विचारों की ताकत से संगठित किया और यही उनकी सबसे बड़ी शक्ति थी
दिल्ली से आए गांधी विचारक एवं साहित्यकार डॉ. राकेश पांडेय ने कहा कि गांधी की विचारधारा केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व के हर हिस्से में इसकी प्रासंगिकता दिखाई देती है। सत्य, अहिंसा और प्रेम के रास्ते पर चलकर समाज और राष्ट्र को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
सामाजिक समरसता के पक्षधर शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि वर्तमान समय में आपसी सद्भाव और भाईचारा समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता कमल जायसवाल ने भागलपुर के विकास में दीप नारायण बाबू और उनके परिवार के योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में सांसद अजय मंडल ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी हिंसक संघर्षों पर चिंता जताते हुए कहा कि गांधीजी के सिद्धांतों को अपनाकर ही शांति का रास्ता मजबूत किया जा सकता है। डॉ. सुजाता चौधरी ने गांधीजी को वास्तविक नायक बताते हुए कहा कि वे अपमान और सम्मान दोनों परिस्थितियों में समान भाव रखते थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संचालन सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार प्रसून लतांत ने किया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रसिद्ध लोक गायिका चंदन तिवारी ने गांधीजी पर आधारित लोकगीतों की प्रस्तुति से माहौल को भावपूर्ण बना दिया। उन्होंने बताया कि बिहार आगमन के दौरान गांधीजी के स्वागत में महिलाएं कजरी, झूमर सहित कई लोकगीत गाया करती थीं।
मौके पर प्रो. (डॉ.) रतन कुमार मंडल, डॉ. सुधीर मंडल, डॉ. मनोज मीता, सत्य नारायण मंडल, मनीष आर्यन, शेखर खागड़ी, अर्श झा, कर्ण राणा, नीरज चौधरी, अर्पणा कुमारी, अनीता शर्मा, मृदुला सिंह, वीणा सिन्हा, उमा घोष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।

















