


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा का जलस्तर एक बार फिर चिंता की रेखा की ओर बढ़ने लगा है। शनिवार सुबह छह बजे दर्ज आंकड़ों ने नदी किनारे बसे इलाकों को सावधान कर दिया है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर 32.73 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 33.68 मीटर से महज 95 सेंटीमीटर नीचे है। नदी का रुख बढ़ने का है और पूर्वानुमान भी राहत से ज्यादा सतर्क करने वाला है।
केंद्रीय जल आयोग के दैनिक जलस्तर एवं बाढ़ पूर्वानुमान के अनुसार भागलपुर में गंगा का जलस्तर अगले पूर्वानुमान में 33.10 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। यानी खतरे के निशान से दूरी और कम होगी। यह पूर्वानुमान कल शाम चार बजे के लिए जारी किया गया है।

कहलगांव में स्थिति और भी नजदीकी है। यहां गंगा का जलस्तर 31.07 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 31.09 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से महज दो सेंटीमीटर नीचे बह रही है। ऊपर से नदी की प्रवृत्ति बढ़ने की है।
पूर्वानुमान में कहलगांव का जलस्तर कल रात 10 बजे तक 31.48 मीटर पहुंचने की संभावना जताई गई है। यदि ऐसा हुआ तो नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी। लिहाजा कहलगांव के तटीय और निचले इलाकों के लिए आने वाले घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
मुंगेर में भी बढ़ रही गंगा:
मुंगेर में गंगा का जलस्तर सुबह छह बजे 38.23 मीटर दर्ज हुआ। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। जलस्तर लगातार बढ़ने की प्रवृत्ति में है और पूर्वानुमान के मुताबिक कल सुबह आठ बजे यह 38.73 मीटर तक पहुंच सकता है।
भागलपुर प्रमंडल के अलावा पटना के दीघाघाट, गांधीघाट और हाथीदह में भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर या उसके आसपास बना हुआ है। दीघाघाट में जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 50.45 मीटर से आठ सेंटीमीटर ऊपर है। गांधीघाट में नदी 49.35 मीटर पर है, जबकि खतरे का निशान 48.60 मीटर है।
हाथीदह में जलस्तर 42.22 मीटर है और खतरे का निशान 41.76 मीटर है। यहां भी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और कल सुबह तक जलस्तर 42.42 मीटर पहुंचने का पूर्वानुमान है।
बारिश ने नहीं बढ़ाया पानी, फिर भी नदी चढ़ रही
दिलचस्प बात यह है कि उपलब्ध आंकड़ों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा शून्य दर्ज की गई है। यानी आसमान से पानी नहीं बरसा, लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे साफ है कि नदी में बढ़ोतरी का संबंध स्थानीय बारिश से ज्यादा ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों और upstream से आने वाले पानी से हो सकता है।
बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.28 मीटर दर्ज हुआ, जबकि खतरे का निशान 60.32 मीटर है। यहां भी नदी बढ़ रही है और कल दोपहर तक 59.60 मीटर पहुंचने का पूर्वानुमान है।
फरक्का में भी बढ़त
अभी खतरा नहीं, लेकिन नजर हटाने का वक्त भी नहीं:
आंकड़ों की सबसे अहम बात यह है कि भागलपुर में अभी खतरे के निशान से नीचे जलस्तर है, जबकि कहलगांव लगभग खतरे की रेखा को छू चुका है। ऊपर की ओर कई स्थानों पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ऐसे में आने वाले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं।
गंगा फिलहाल सिर्फ बढ़ नहीं रही, बल्कि अपने पीछे आने वाले पानी का संकेत भी दे रही है। स्थानीय बारिश भले नहीं हुई हो, लेकिन नदी का बढ़ता ग्राफ बता रहा है कि बाढ़ की तैयारी सिर्फ बादल देखकर नहीं, नदी देखकर भी करनी होगी। प्रशासन के साथ तटवर्ती इलाकों के लोगों को भी जलस्तर और पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
















