
राघोपुर पंचायत के प्रभावित परिवारों को पांच डिसमिल जमीन और नुकसान का तीन गुना मुआवजा देने की मांग, राज्यपाल के नाम सौंपा तीन सूत्री ज्ञापन
नवगछिया। गंगा कटाव ने कई परिवारों से उनका घर और जमीन छीन ली है। बेघर हुए परिवारों के सामने अब आवास और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कटाव पीड़ितों को सरकारी मुआवजा, आवासीय जमीन और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बुधवार को राजद नेता गौतम कुमार प्रीतम के संयोजन में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बिहार के राज्यपाल के नाम तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपकर प्रभावित परिवारों को राहत देने और कटाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई गई।
धरना को संबोधित करते हुए राजद नेता गौतम कुमार प्रीतम और भाकपा माले नेता कामरेड बिंदेश्वरी मंडल ने कहा कि नवगछिया अनुमंडल के खरीक प्रखंड अंतर्गत राघोपुर पंचायत में गंगा कटाव से लोगों को भारी नुकसान हुआ है। कई परिवारों के घर और जमीन नदी में समा चुके हैं। इसके कारण प्रभावित परिवारों के सामने रहने और आजीविका चलाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि कटाव निरोधी कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के कारण ग्रामीणों को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप कर कटाव पीड़ितों को तत्काल राहत, उचित मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
बेघर परिवारों को पांच डिसमिल आवासीय जमीन देने की मांग
धरना के दौरान मांग की गई कि गंगा कटाव से प्रभावित परिवारों की सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि वास्तविक पीड़ितों की पहचान सुनिश्चित हो सके। प्रभावित परिवारों को तत्काल भोजन, पेयजल, दवा, पशुओं के लिए चारा और प्लास्टिक तिरपाल उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिन परिवारों के घर और जमीन गंगा में विलीन हो गए हैं, उन्हें पांच-पांच डिसमिल आवासीय जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे दोबारा अपना आशियाना बना सकें। इसके साथ ही मकानों को हुए नुकसान का उचित आकलन कर क्षति की लागत का तीन गुना मुआवजा देने की मांग की गई। इसमें एकमंजिला, दोमंजिला और तीनमंजिला मकानों को हुए नुकसान को भी शामिल करने की बात कही गई।

इस्माईलपुर से नारायणपुर तक कटाव का स्थायी समाधान करने की मांग
धरना के दौरान गंगा कटाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस्माईलपुर से नारायणपुर तक गंगा कटाव रोकने के लिए एक वर्ष के भीतर प्रभावी योजना तैयार कर उसे पूरा किया जाए।
इसके लिए बोल्डर, जाल और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर मजबूत कटाव निरोधी संरचना बनाने की मांग की गई। साथ ही, प्रस्तावित संरचना के ऊपर सड़क निर्माण कराने की भी मांग रखी गई, ताकि कटाव से सुरक्षा के साथ क्षेत्र में आवागमन की सुविधा भी बेहतर हो सके।
वक्ताओं ने कहा कि कटाव प्रभावित परिवारों को केवल तात्कालिक राहत देना पर्याप्त नहीं है। उनके घर, जमीन और आजीविका के नुकसान को देखते हुए स्थायी पुनर्वास और सुरक्षा की व्यवस्था करना जरूरी है।
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने लिया भाग
धरना-प्रदर्शन में राजद, भाकपा, भाकपा माले, कांग्रेस और जाप सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया। वक्ताओं में संजय मंडल, इबरार आलम, किशोर सिंह यादव, धर्मेंद्र कुमार, परमानंद मंडल, अलख निरंजन पासवान, महेश प्रसाद यादव, गौरीशंकर राय, पंकज सिंह कुशवाहा, शोभा देवी और प्रो. नजमूल इस्लाम सहित अन्य लोग शामिल थे।
मौके पर सैकड़ों कटाव पीड़ित परिवारों के सदस्य भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के माध्यम से प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता, आवासीय जमीन, उचित मुआवजा और गंगा कटाव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की गई।















