


कटाव का दायरा घरों से रेलवे लाइन तक पहुंचा, सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता; राघोपुर में अधिकारी कैंप कर कर रहे निगरानी
नवगछिया। गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच राघोपुर में तेजी से बढ़ रहा कटाव प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है। नदी की तेज धार लगातार तट की जमीन को काट रही है। कटाव का दायरा बढ़ते-बढ़ते अब घरों से रेलवे लाइन तक पहुंच गया है। तटबंध के टो तक पानी पहुंचने से दबाव और बढ़ गया है। नदी किनारे लगातार जमीन धंसने की स्थिति ने आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

बुधवार शाम छह बजे राघोपुर में गंगा का जलस्तर 33.05 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 12 घंटे में जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। यहां खतरे का निशान 33.68 मीटर है। इस लिहाज से गंगा खतरे के निशान से महज 63 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। वहीं चेतावनी स्तर 32.68 मीटर है, जिसके मुकाबले नदी का पानी 37 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है।
जलस्तर से ज्यादा कटाव ने बढ़ाई चिंता
राघोपुर में इस समय चिंता सिर्फ गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ रहे कटाव को लेकर भी है। नदी की धार लगातार तट की जमीन को अपने साथ बहा रही है। पहले नदी किनारे की जमीन कटाव की चपेट में आई, इसके बाद आसपास के घरों पर खतरा बढ़ा और अब रेलवे लाइन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता गहरा गई है।
कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए वरीय अधिकारी लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। पथ निर्माण मंत्री समेत प्रशासनिक अधिकारी राघोपुर में कैंप कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। कटावरोधी और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि गंगा की तेज धार के सामने चुनौती अभी भी बनी हुई है।
इस्माईलपुर में खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर गंगा

उधर इस्माईलपुर-बिंदटोली में गंगा की स्थिति राघोपुर से भी अधिक चिंताजनक बनी हुई है। स्पर संख्या-7 पर गंगा का जलस्तर 32.10 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 31.60 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पिछले 12 घंटे में यहां भी जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।
पानी तटबंध के टो तक पहुंच चुका है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण तटबंध की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है।
मदरौनी में कोसी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे
मदरौनी में कोसी नदी का जलस्तर 31.22 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 12 घंटे में यहां जलस्तर में चार सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। खतरे का निशान 31.48 मीटर है। इस तरह कोसी खतरे के निशान से महज 26 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
यहां भी पानी तटबंध के टो तक पहुंच रहा है। हालांकि विभागीय रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल तटबंध को सुरक्षित बताया गया है। इसके बावजूद जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जेबी चोरहर में कोसी स्थिर, कई जगह टो तक पहुंचा पानी
जेबी चोरहर में कोसी का जलस्तर 31.45 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल यहां नदी का जलस्तर स्थिर बताया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि नगरपारा तटबंध और बगजान जमींदारी बांध के कई बिंदुओं पर पानी तटबंध के टो तक पहुंच चुका है।
ऐसे में जलस्तर में आगे होने वाली वृद्धि और नदी की धार के दबाव को देखते हुए संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी बनाए रखना जरूरी हो गया है।
राघोपुर में हर इंच कटाव पर नजर
नवगछिया में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता राघोपुर में बढ़ता कटाव है। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के साथ यदि नदी की धार इसी तरह तट की जमीन को काटती रही तो आसपास का इलाका और असुरक्षित हो सकता है। घरों के बाद रेलवे लाइन तक पहुंच चुका कटाव खतरे की गंभीरता को साफ तौर पर दिखा रहा है।
ऐसे में जलस्तर की निगरानी के साथ कटाव की बढ़ती सीमा पर हर इंच नजर रखना और संवेदनशील स्थानों पर तत्काल बचाव कार्य जारी रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।
















