


पूर्णिया। जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने शुक्रवार को जीएमसीएच पूर्णिया स्थित एनआरसी (न्यूट्रिशनल रिहैबिलिटेशन सेंटर) का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में भर्ती कुपोषित बच्चों एवं उनके साथ रह रही माताओं को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने पाया कि एनआरसी में इलाजरत बच्चों को तो पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन उनके साथ रह रही माताओं के लिए पौष्टिक भोजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के समुचित उपचार और देखभाल के लिए माताओं का स्वस्थ एवं पोषित होना भी जरूरी है। यदि माताओं को पर्याप्त एवं पौष्टिक आहार नहीं मिलेगा तो वे बच्चों की बेहतर देखभाल नहीं कर पाएंगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि संसाधनों और राशि की कोई कमी नहीं है, इसलिए माताओं एवं बच्चों दोनों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के लिए उपलब्ध खिलौनों की स्थिति तथा वार्ड की व्यवस्थाओं पर भी असंतोष व्यक्त किया और उन्हें बेहतर बनाने का निर्देश दिया। साथ ही केंद्र में कराई गई वॉल पेंटिंग को पुनः आकर्षक एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को एनआरसी में बच्चों और उनके परिजनों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने तथा सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति पूर्णिया, जीएमसीएच के उपाधीक्षक, एपिडेमियोलॉजिस्ट एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
















