


नवगछिया। 153 गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से शुक्रवार को राजनीति में बड़ा मोड़ देखने को मिला, जब संग्रह प्रखंड प्रमुख संजीव कुमार उर्फ मोती यादव ने राजद से बागी होकर स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। उनके नामांकन के दौरान क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह और राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिली।
संजीव कुमार उर्फ मोती यादव के नामांकन कार्यक्रम में समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। सैकड़ों वाहनों का काफिला और नारों से गूंजता माहौल पूरे नवगछिया अनुमंडल कार्यालय परिसर में देखा गया। समर्थक “मोती यादव जिंदाबाद” और “गोपालपुर का बेटा, जनता का नेता” जैसे नारों से माहौल को जीवंत बनाए हुए थे।
नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में संजीव कुमार ने कहा कि वे गोपालपुर की जनता की सेवा के लिए चुनावी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने राजद में रहते हुए हमेशा जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाई, लेकिन जब जनता की बात को अनसुना किया गया, तो मैंने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।” उन्होंने यह भी कहा कि उनका मकसद विकास, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देना है।
मोती यादव ने कहा कि गोपालपुर विधानसभा की जनता बदलाव चाहती है। क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जनता इस बार ऐसे उम्मीदवार को चुनेगी जो सिर्फ वादे नहीं, बल्कि काम करे।
उनके समर्थकों में जोश देखते ही बन रहा था। जगह-जगह ढोल-नगाड़ों की थाप पर नारेबाजी होती रही और कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का जोरदार स्वागत किया। कई ग्रामीण इलाकों से लोग समूह बनाकर नामांकन स्थल पहुंचे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजीव कुमार उर्फ मोती यादव के चुनाव मैदान में उतरने से गोपालपुर विधानसभा का समीकरण बदल सकता है। अब इस सीट पर मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है, क्योंकि एक ओर जदयू के उम्मीदवार पूर्व सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल हैं, वहीं दूसरी ओर राजद और अन्य दलों के प्रत्याशी भी अपने-अपने समर्थन को मजबूत करने में जुटे हैं।
गोपालपुर की इस नई सियासी हलचल ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी चुनाव में मुकाबला बहुकोणीय होगा, और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता का झुकाव किस ओर जाता है।
















