


साहित्यकारों ने कहा – सरोकारों और मूल्यों की भाषा है हिंदी

भागलपुर। साहित्यिक संस्था साहित्य सफर द्वारा स्थानीय प्रगति शिक्षण संस्थान, मंदरोजा में हिंदी दिवस पखवाड़ा समारोह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक जगतराम साह कर्णपुरी ने की। समारोह का उद्घाटन रंजन कुमार राय एवं मंचासीन अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने हिंदी के महत्व और उसकी व्यापक स्वीकार्यता पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में रंजन कुमार राय ने कहा कि अपनी भाषा अपने घर और अपने आंगन जैसी होती है। जिस तरह अपने घर पहुंचकर सुकून और आराम महसूस होता है, उसी तरह हिंदी में अपनी बात कहने से आत्मीयता का अनुभव होता है। हिंदी हमें एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य करती है।
मुख्य अतिथि अवधेश शर्मा ने कहा कि हिंदी सरोकारों और मूल्यों की भाषा है। यह सहज अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। हमारी हिंदी हमारे अंतर्मन और आत्मा की आवाज है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जगतराम साह कर्णपुरी ने कहा कि हिंदी संपर्क की भाषा है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी हिंदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय मूल की बहुलता वाले देशों में हिंदी प्रिय भाषा के रूप में स्थापित है। उन्होंने कहा कि हिंदी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में दूसरे स्थान पर है।
समारोह को इंद्रजीत कुमार, आशुतोष सिंह, ओम केजरीवाल, प्रेम कुमार प्रिय एवं मुदित कुमार झा ‘मुदित’ ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रेम कुमार प्रिय ने किया।
















