


पत्नी के बाद पति का भी मरणोपरांत नेत्रदान, परिजनों ने पेश की मानव सेवा और दृष्टिदान की अनूठी मिसाल
पूर्णिया जिले में मरणोपरांत नेत्रदान को लेकर एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। प्रोफेसर कॉलोनी, रामबाग निवासी श्रीकृष्ण मोहन प्रसाद साह और उनकी स्वर्गीय पत्नी विभा देवी ऐसे दंपती बन गए हैं, जिन दोनों का मरणोपरांत नेत्रदान कराया गया है। परिजनों के इस निर्णय को समाजसेवा और मानव कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि स्व. विभा देवी का नेत्रदान 4 सितंबर 2024 को परिजनों की सहमति से सफलतापूर्वक कराया गया था। अब उनके पति श्रीकृष्ण मोहन प्रसाद साह के निधन के बाद परिवार ने उनका भी नेत्रदान कराने का निर्णय लिया। इस तरह परिवार ने नेत्रदान की अपनी मानवीय पहल को आगे बढ़ाते हुए समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इस पुनीत कार्य में स्व. विभा देवी एवं श्रीकृष्ण मोहन प्रसाद साह के पुत्र पवन कुमार साह और दीपक कुमार, पुत्रवधू प्रीति देवी और रेखा देवी तथा पुत्रियां बेबी देवी (पति अवधेश कुमार) और पिंकी देवी (पति मुकेश राज आनंद) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परिजनों ने दुख की घड़ी में भी नेत्रदान का निर्णय लेकर मानव सेवा को प्राथमिकता दी।
परिजनों के इस निर्णय की उपस्थित लोगों ने सराहना करते हुए कहा कि नेत्रदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, पूर्व सांसद संतोष कुशवाह, रवींद्र कुमार साह, हेना सईद, सुनील साह, राकेश कुमार, पंकज श्रीवास्तव, अरुण साह, धीरज कुमार ठाकुर और मनोज कुमार साह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

उपस्थित लोगों ने श्रीकृष्ण मोहन प्रसाद साह एवं स्व. विभा देवी के परिवार के इस निर्णय को नमन करते हुए समाज के अन्य लोगों से भी नेत्रदान एवं अंगदान के प्रति जागरूक होने और मरणोपरांत दूसरों के जीवन में नई उम्मीद जगाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
















