



भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत महेशखोर थाना क्षेत्र के सनोखर गांव में एक महिला की मौत ने सनसनी फैला दी है। भवानीपुर कहलगांव निवासी कंचन देवी (उम्र लगभग 30 वर्ष) की 3 जुलाई 2025 को इलाज के दौरान मायागंज अस्पताल में मौत हो गई। 22 जून को वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं। परिजनों ने इसे हत्या बताया है, वहीं पति इसे हादसा बता रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है।

परिजनों का आरोप है कि कंचन के पति कैलाश हरी ने नशे की हालत में पहले बेरहमी से उसकी पिटाई की, हाथ तोड़ दिया और फिर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। कंचन के पिता ने बताया कि वर्ष 2017 में उन्होंने बेटी की शादी कैलाश से की थी। शादी के बाद ही पता चला कि दामाद नशे का आदी है और आए दिन मारपीट करता था। उन्होंने कई बार दामाद के कर्ज भी चुकाए, लेकिन अब वह उनकी बेटी को पीट-पीटकर और जलाकर मार चुका है। पिता ने इस मामले में हत्या का आरोप लगाते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, पति कैलाश हरी ने खुद पर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि वह घर पर नहीं था, उसे यह नहीं पता कि कंचन कैसे जल गई। जब वह लौटा तो पत्नी को जली अवस्था में पाया और तुरंत इलाज के लिए मायागंज अस्पताल लेकर गया। उसने दावा किया कि उसने हरसंभव इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान कंचन की मौत हो गई। उसने कहा कि उस पर लगाया गया आरोप झूठा और बेबुनियाद है।
घटना के बाद अब तक थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। महेशखोर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है, लेकिन अभी जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इधर, सनोखर गांव और आसपास के इलाके में इस घटना को लेकर शोक और गुस्सा दोनों का माहौल है। ग्रामीणों ने इस अमानवीय कृत्य की निंदा की है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामला अब संदेह के घेरे में है, क्योंकि न तो अस्पताल ने कोई ठोस स्थिति बताई है और न ही पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि की गई है।
परिजन न्याय की आस लगाए बैठे हैं, वहीं आरोपी खुद को निर्दोष बता रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या सच्चाई सामने आती है।















