



नवगछिया : खानकाह-ए-आलिया कादिरिया फरीदिया मोहब्बतिया में सुफी संत धर्म गुरु हजरत सैयदना बाबू हुजूर नेहाल अहमद खान कादरी फरीदी रहमतुल्लाह अलैहे का सालाना दो दिवसीय उर्स-ए-पाक और जश्न-ए-मेराजे मुस्तफा भव्य रूप से संपन्न हुआ। जलसे व उर्स-ए-पाक की सदारत खानकाह के सज्जादानशी हजरत अली कौनैन खां कादरी फरीदी एवं जेरे कयादत नायव सज्जादानशी हजरत मौलाना अली शब्बर खां कादरी फरीदी ने की।

उर्स-ए-पाक में भागलपुर, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, मधेपुरा, सुपौल, बिहारीगंज, खगड़िया के अलावा कई राज्यों से मुरीदीन और जायरीन शामिल हुए। देर रात जलसे में आये औलमाए कराम ने बाबू हुजूर के जीवन पर प्रकाश डाला और उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
जलसे का आगाज हाफिज कारी तारीक अनबर ने तिलावते कुरान शरीफ से किया। झारखंड से आए मौलाना हजरत सद्दाम हुसैन जामी, भोजपुर से हजरत मौलाना हुसैन रजा मिशवाही, हजरत मौलाना अबूसालेह फरीदी, हजरत मौलाना शमसीर आलम और हजरत मौलाना इरफान आलम उर्फ़ी ने उपस्थित जनों को बुजुर्गों और वलियों से सच्ची मोहब्बत करने का संदेश दिया और बताया कि उनकी दुआ खुदा के दरबार में कबूल होती है।

नातखानी में झारखंड से शायरे इस्लाम मुजाहिद रजा, मधेपुरा से शायरे इस्लाम मो जमजम, खगड़िया से शायरे इस्लाम शौकीन नवाज शौक, भागलपुर से शायरे इस्लाम शम्स तवरेज तथा शायरे इस्लाम नैयर जमाली ने बाबू हुजूर की शान में मनकबत और नात शरीफ प्रस्तुत की। जलसे का संचालन हजरत मौलाना बदरूजमा साहब ने किया।

शनिवार की सुबह महफिलें शमा कुल शरीफ और खानकाही कव्वाली के बाद नियाज फातिहा का आयोजन किया गया और लोगों के बीच शिरणी तकशीम की गई।
इस अवसर पर थाना प्रभारी संतोष कुमार, दारोगा मनीष कुमार, कर्रार खां फरीदी, मोइन राइन, रहबर खां, रहनुमा खां, भानू झा, बुशमस फरीदी, रोहमा खां, इरफान आलम जफर खां, हस्सान खां, गुलाम पंजतन फरीदी, मेहबान आलम, बबल, सद्दाम सहित कई गणमान्य व्यक्ति और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।














