
अनजान लिंक, फर्जी फोन कॉल और ओटीपी साझा करने से बचने की दी सलाह; साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील
नवगछिया। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को मदरौनी उच्च विद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों, ऑनलाइन ठगी की पहचान और उससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।

सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा उपाय
कार्यक्रम के दौरान साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, सामाजिक माध्यमों के जरिए धोखाधड़ी और बैंक खातों से रुपये निकालने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। थोड़ी-सी लापरवाही लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और बिना जांच-पड़ताल के किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी के साथ भी एक बार इस्तेमाल होने वाला गुप्त संकेतांक (ओटीपी), एटीएम का गुप्त पिन अथवा बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
सामाजिक माध्यमों पर निजी जानकारी साझा करने से बचें

साइबर डीएसपी ने सामाजिक माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि अनजान लोगों के साथ अपनी निजी तस्वीरें, व्यक्तिगत जानकारी और अन्य संवेदनशील विवरण साझा करने से बचना चाहिए। विद्यार्थियों को किसी भी संदिग्ध संदेश, फोन कॉल या ऑनलाइन गतिविधि के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई।
उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही ऑनलाइन अपराधों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार के सदस्यों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचने के उपायों की जानकारी दें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
कार्यक्रम में साइबर डीएसपी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देर किए साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से संबंधित मामले में आवश्यक कार्रवाई करने और संभावित आर्थिक नुकसान को रोकने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा।














