


एसडीआरएफ का लगातार सर्च अभियान जारी, गांव में पसरा मातम
पूर्णिया। बायसी थाना क्षेत्र के गांगर पंचायत अंतर्गत गोहास गांव में महानंदा नदी में डूबे चार मासूम बच्चों में से तीन का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में सर्च अभियान चला रही है।
जानकारी के अनुसार यह दर्दनाक घटना 21 मई की दोपहर करीब 12 बजे हुई थी। गोहास गांव निवासी चार बच्चे—नसर (11 वर्ष), मुस्तफा (8 वर्ष), अरमान (8 वर्ष) और नूर्शिद (10 वर्ष) महानंदा नदी किनारे खेलने गए थे। खेलते-खेलते सभी बच्चे नदी में स्नान करने उतर गए। इसी दौरान पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने से चारों बच्चे तेज धार में बहकर गहरे पानी में डूब गए।

घटना के पहले दिन स्थानीय गोताखोरों की मदद से 11 वर्षीय नसर का शव बरामद कर लिया गया था, लेकिन मुस्तफा, अरमान और नूर्शिद का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। पिछले 96 घंटों से लगातार खोजबीन जारी है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी है।
घटनास्थल पर परिजन और ग्रामीण लगातार डटे हुए हैं। हर बीतते घंटे के साथ परिवारों की चिंता और दर्द बढ़ता जा रहा है। नदी किनारे मौजूद माताओं और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन बना हुआ है।
स्थानीय मुखिया गुलाम गौस ने बताया कि घटना के बाद से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। अंचल अधिकारी, स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मोटर बोट एवं आधुनिक उपकरणों की सहायता से लगातार नदी के विभिन्न हिस्सों में तलाश अभियान चला रही है।

हालांकि महानंदा नदी की तेज धारा और अधिक गहराई रेस्क्यू अभियान में बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके बावजूद एसडीआरएफ की टीम लगातार बच्चों की तलाश में जुटी हुई है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गोहास गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण लगातार बच्चों के सकुशल मिलने की दुआ कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बच्चों को अकेले नदी या गहरे पानी के पास न जाने दें तथा नदी किनारे विशेष सतर्कता बरतें।















