



भागलपुर। श्रावणी मेले की औपचारिक शुरुआत भले ही 11 जुलाई से होनी है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था इतनी प्रबल है कि देशभर से कांवरियों का जत्था पहले से ही सुल्तानगंज पहुंचने लगा है। घाटों पर “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयघोष गूंजने लगे हैं।
इसी बीच मुजफ्फरपुर से आए कांवरिया मिथिलेश ने मन्नत पूरी होने पर एक अनोखी यात्रा की शुरुआत की है। उन्होंने अपने छोटे भाई के लिए पुत्री की कामना बाबा से की थी, जो पूरी हो गई। इस पर उन्होंने संकल्प लिया कि वे पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम जाकर जल अर्पित करेंगे। अपनी मन्नत की पूर्ति के प्रतीकस्वरूप वे अपने तीन छोटे बच्चों को विशेष रूप से तैयार की गई डोली में बिठाकर ले जा रहे हैं।

मिथिलेश की इस यात्रा में उनकी पत्नी रेखा देवी, भाभी रेशु देवी और तीनों बच्चे भी साथ हैं। बच्चों के लिए तैयार की गई डोली को मिथिलेश खुद अपने कंधों पर उठाए हुए हैं। यह यात्रा नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और जमुई होते हुए देवघर तक जाएगी। वे 14 जुलाई को बाबा बैद्यनाथ को गंगाजल अर्पित करेंगे।
मिथिलेश ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि बाबा के प्रति गहरी आस्था और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ इस यात्रा को करना उनके लिए एक भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव है।














