



भागलपुर जिले के नाथनगर क्षेत्र के गोलदार पट्टी में लगभग 200 वर्षों से चली आ रही परंपरा इस वर्ष भी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई गई। विजयादशमी के अवसर पर कर्णगढ़ मैदान में भव्य रामलीला नाटक मंचन का आयोजन हुआ, जिसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, रावण, मेघनाथ और कुंभकरण जैसे पात्रों ने अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया।

रात्रि के समय रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के विशाल पुतलों का दहन किया गया। पुतलों के जलते ही चारों ओर “जय श्रीराम” के उद्घोष गूंज उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों ने इस ऐतिहासिक परंपरा को देखा और अनुभव किया।
रावण दहन के बाद अगले दिन मनसकामना नाथ चौक पर पारंपरिक भरत मिलाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में भगवान श्रीराम और उनके भाई भरत के भावनात्मक मिलन का दृश्य मंचित किया गया, जिसे देख कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कार्यक्रम के दौरान राम भक्ति के गीतों और जयकारों से पूरा चौक गूंज उठा।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह परंपरा लगभग दो शताब्दियों से चली आ रही है और इसे भविष्य में भी जीवित रखने का संकल्प लिया गया है।
स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई और सभी ने आयोजन का शांतिपूर्ण ढंग से आनंद उठाया।

















