


पूर्णिया। पूरा देश शुक्रवार को जहां हर्षोल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना रहा था, वहीं पूर्णिया नगर निगम की महापौर विभा कुमारी एवं सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र यादव ने अनूठे अंदाज में रक्षाबंधन मनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। दोनों ने शिवनगर, खुश्कीबाग स्थित गजमत्तिया आवास परिसर सहित आसपास के पेड़-पौधों को राखी बांधी और उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।

इस अवसर पर महापौर विभा कुमारी ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के बीच प्रेम, स्नेह और रक्षा के संकल्प का पर्व है। बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी रक्षा एवं सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इसी भावना को पेड़ों से जोड़ते हुए उन्हें राखी बांधना प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी और उसके संरक्षण का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि निजी स्वार्थ के कारण लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है, जिससे पर्यावरण का संतुलन तेजी से बिगड़ रहा है। इसका असर मौसम और तापमान पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इस वर्ष पूर्णिया जैसे ‘मिनी दार्जिलिंग’ कहे जाने वाले शहर को भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में रक्षाबंधन के अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि पेड़ों को अपने परिवार के सदस्य की तरह समझकर उनकी रक्षा करेंगे।
महापौर ने कहा कि पेड़ों के साथ हमारा सदियों पुराना रिश्ता रहा है। सरकार प्रत्येक वर्ष पौधरोपण पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है। लगाए गए पौधों की सुरक्षा और उनका संरक्षण भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि आज हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित वातावरण मिल सकेगा।
वहीं, जितेंद्र यादव ने कहा कि ऑक्सीजन जीवन का आधार है और पेड़ों के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। पर्यावरण को स्वच्छ एवं संतुलित बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पेड़-पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर पेड़ों को राखी बांधना केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपने दायित्व को समझने और उसे निभाने का संदेश है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

महापौर विभा कुमारी एवं जितेंद्र यादव ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ पहले से मौजूद पेड़-पौधों की भी सुरक्षा एवं देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।
















