


@ अभया ब्रिगेड का बदला रूप, स्कूल-कॉलेज से बाजार और बस स्टैंड तक महिला सुरक्षा पर रहेगी नजर।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। रक्षाबंधन के दिन भागलपुर की सड़कों पर पुलिस का एक ऐसा चेहरा उतरा है, जिसका मकसद सिर्फ अपराध रोकना नहीं, बल्कि महिलाओं और छात्राओं के बीच सुरक्षा का भरोसा पैदा करना है। जिले में पहले से चल रही ‘अभया ब्रिगेड’ को नया स्वरूप देते हुए अब इसे ‘पुलिस दीदी’ के नाम से विस्तार दिया गया है।
शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक ने ‘पुलिस दीदी’ की टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। खास बात यह है कि टीम को 25 पिंक स्कूटी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा अन्य दोपहिया वाहनों से भी महिला पुलिसकर्मी अलग-अलग इलाकों में गश्त करेंगी।
मॉर्निंग वॉक वाले इलाकों और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों को भी निगरानी के दायरे में रखा जाएगा। खास तौर पर स्कूल-कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर टीम की नजर रहेगी।
इस पहल की खासियत यह है कि ‘पुलिस दीदी’ को केवल पेट्रोलिंग टीम तक सीमित नहीं रखा गया है। टीम महिलाओं और छात्राओं से सीधे संवाद करेगी और उन्हें पुलिस की सहायता व्यवस्था की जानकारी देगी। छेड़छाड़, पीछा किए जाने या किसी अन्य तरह की परेशानी की स्थिति में पुलिस तक पहुंचने के लिए छात्राओं और महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
‘पुलिस दीदी’ की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। किस इलाके में कितनी गश्त हुई, किन क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी शिकायतें अधिक हैं और महिलाओं से क्या फीडबैक मिल रहा है – इन तमाम पहलुओं के आधार पर पेट्रोलिंग व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना है।
भागलपुर पुलिस का संदेश साफ है – महिला सुरक्षा सिर्फ अभियान नहीं, नियमित पुलिसिंग का हिस्सा होगी। रक्षाबंधन के दिन शुरू हुई ‘पुलिस दीदी’ इसी सोच को जमीन पर उतारने की कोशिश है।
पिंक स्कूटी पर सवार पुलिसकर्मी अब सिर्फ कानून का पहरा नहीं देंगी, बल्कि महिलाओं के लिए भरोसे की वह पहली दस्तक बनने की कोशिश करेंगी, जिसके सामने शिकायत कहने में संकोच न हो।

















