


पटना जिले के फुलवारी प्रखंड में 84 भूमिहीन परिवारों को तीन-तीन डिसमिल जमीन के पर्चे का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से लंबित इस मामले में प्रशासन ने सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिससे खड़िहा, पलगा, हसनपुरा और निहुरा मुसहरी के दर्जनों परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
2014 में बना था पर्चा, नहीं मिला था कब्जा
जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में ही 84 भूमिहीन परिवारों के नाम पर तीन-तीन डिसमिल जमीन का पर्चा जारी किया गया था। लेकिन स्थानीय स्तर पर उत्पन्न विवाद और प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण लाभुकों को जमीन का वास्तविक लाभ नहीं मिल सका था। इसके कारण परिवार वर्षों से अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे थे।
आंदोलन के बाद प्रशासन ने बढ़ाई पहल
भाकपा माले के प्रखंड सचिव गुरदेव दास ने बताया कि भूमिहीन परिवारों को उनका हक दिलाने के लिए लगातार आंदोलन चलाया जा रहा था। इसी क्रम में 17 जून को नदियावां में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के घेराव की भी तैयारी की गई थी। आंदोलन और जनदबाव के बीच प्रशासन ने मामले को प्राथमिकता देते हुए सत्यापन प्रक्रिया तेज की।
जिलाधिकारी की पहल की सराहना
भाकपा माले ने पटना के जिलाधिकारी की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि प्रशासन की सक्रियता से वर्षों से अटकी समस्या का समाधान संभव हो पाया है। संगठन ने इसे गरीबों के लंबे संघर्ष और प्रशासनिक इच्छाशक्ति की जीत बताया।
लाभुक परिवारों में खुशी
सत्यापन पूरा होने के बाद अब संबंधित परिवारों को जमीन पर अधिकार मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे भूमिहीन परिवारों को स्थायी आवास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण सहारा मिलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें अपने अधिकार मिलने की उम्मीद जगी है।














