


@ बच्चे भूख से बिलखते रहे, निजी कोष से दो सिलेंडर पहुंचने के बाद शुरू हो सकी रसोई।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिले में बाढ़ का पानी भले ही धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन राहत शिविरों में सरकारी इंतजामों की कमी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। गोराडीह प्रखंड की उस्तू पंचायत के श्रीरामपुर बी बस्ती स्थित एक राहत शिविर में मंगलवार को रसोई गैस खत्म हो जाने के कारण करीब 400 बाढ़ पीड़ितों को सुबह से दोपहर तक भोजन का इंतजार करना पड़ा। शिविर में राशन और खाना बनाने का सामान मौजूद था, लेकिन गैस सिलेंडर नहीं होने से चूल्हा नहीं जल सका।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह से ही शिविर में मौजूद बच्चे और अन्य बाढ़ पीड़ित भोजन का इंतजार कर रहे थे। करीब चार घंटे तक खाना नहीं बन पाने से बच्चे भूख से बिलखते रहे। बाढ़ के पानी से घिरे लोगों को राहत शिविर में समय पर भोजन मिलने की उम्मीद थी, लेकिन गैस खत्म होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
निजी कोष से दो सिलेंडर पहुंचने पर बनी रसोई

स्थिति की जानकारी मिलने के बाद गोराडीह के पूर्व जिप प्रत्याशी छोटू यादव और उनके प्रतिनिधि राहत शिविर पहुंचे। शिविर की स्थिति देखने के बाद उन्होंने तत्काल अपने निजी कोष से दो रसोई गैस सिलेंडरों की व्यवस्था कराई। सिलेंडर पहुंचने के बाद शिविर की रसोई में दोबारा खाना बनना शुरू हुआ और बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली कि राहत शिविर में सुबह से भोजन नहीं बन पाया है, उन्होंने तत्काल सिलेंडर की व्यवस्था कराई। संकट की घड़ी में जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाना सबसे जरूरी है।

















