



भागलपुर जिले में बिहार सरकार के कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय अनुसूचित जनजाति कल्याण छात्रावास संख्या-तीन का शुक्रवार की देर शाम निरीक्षण किया गया। विश्वविद्यालय क्षेत्र स्थित इस छात्रावास का निरीक्षण छात्रावास अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार दिनकर द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की समस्त व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई।

निरीक्षण के क्रम में अधीक्षक ने सर्वप्रथम मेस संचालन व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मेस में भोजन की गुणवत्ता, समयबद्धता तथा साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया और छात्रों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों द्वारा बताई गई समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया। इसके साथ ही उन्होंने भोजशाला समिति के कार्यों की समीक्षा करते हुए रसोइयों को भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
ठंड के मौसम को देखते हुए अधीक्षक ने रसोइयों को निर्देश दिया कि रात्रि में समय पर गर्म एवं पौष्टिक भोजन तैयार किया जाए, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। भीषण ठंड से बचाव के मद्देनजर मेस की खिड़कियों में पर्दे लगाने के लिए कल्याण विभाग से अनुरोध भेजे जाने की बात भी कही गई। साथ ही समय पर भोजन उपलब्ध कराने और मेस परिसर में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

छात्रों ने अधीक्षक को बताया कि छात्रावास के मेस में प्रतिदिन औसतन 80 से अधिक छात्र भोजन करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मेस में उन्हें घर जैसा स्वादिष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल रहा है, जिससे उनका समय बचता है और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।
डॉ. दीपक कुमार दिनकर ने कहा कि छात्रावास में अनुशासन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और वे स्वयं सभी व्यवस्थाओं की नियमित रूप से निगरानी करते हैं। उन्होंने दरबान को आवंटित समय के अनुसार मुस्तैदी से ड्यूटी करने का निर्देश दिया। वहीं सफाई कर्मियों को छात्रावास परिसर में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने एवं साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षक ने छात्रों एवं कर्मियों की दैनिक उपस्थिति पंजी, विजिटर रजिस्टर, पुस्तकालय रजिस्टर, मेस रजिस्टर सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों की भी जांच की। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गार्ड को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को छात्रावास परिसर में प्रवेश या ठहरने की अनुमति नहीं दी जाए।

इसके साथ ही छात्रों को भी निर्देशित किया गया कि वे अपने अभिभावकों से छात्रावास परिसर में निर्धारित शेड में ही मुलाकात करें। अधीक्षक ने कहा कि छात्रावास की सुरक्षा, अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि छात्र बिना किसी व्यवधान के अपनी पढ़ाई कर सकें।













