


नवगछिया घाट ठाकुरवाड़ी में आयोजित 51वां श्री रामचरितमानस नवाह पारायण एवं श्री राम कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान प्रयागराज से पधारे स्वामी विनोदानंद सरस्वती महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्वामी विनोदानंद सरस्वती ने अपने प्रवचन में कहा कि “जो पति को पतन से बचाए वही सच्ची पत्नी होती है।” उन्होंने कर्म और धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब कर्म का परिणाम सामने आता है तो बड़े-बड़े लोग भी सही मार्ग पर आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि “जिसके बिना हम जीवित नहीं रह सकते, वही धर्म है और जिस धर्म की हम रक्षा करते हैं, वही धर्म हमारी रक्षा करता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि बिना बुलाए यदि संत-महात्मा किसी के घर पहुंच जाएं तो यह अत्यंत शुभ संकेत होता है। आशीर्वाद की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसा वरदान है जो मांगने से नहीं, बल्कि स्वतः प्राप्त होता है।
भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
प्रवचन के साथ-साथ भक्ति गीतों और भजनों की भी प्रस्तुति हुई। “तुझे देख के दिल भरता ही नहीं…”, “अब जाऊं कहां मैं सांवरिया…” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भक्ति रस में डूबते नजर आए। पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
सुबह से चल रहा नवाह पारायण
मीडिया प्रभारी अशोक केडिया ने बताया कि नवाह पारायण का पाठ प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक 25 विद्वानों द्वारा संगीतमय ढंग से किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन 27 मार्च 2026 तक जारी रहेगा।
आयोजन में जुटी समिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के सदस्य सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। इनमें शिव जायसवाल, बनवारी पंसारी, अशोक केडिया, अरुण यादुका, संतोष भगत, संतोष यादुका, अनिल भगत, विशाल चिरानिया, नरसिंह चिरानिया, किशन याहुका, प्रवीण भगत, अजय भगत, विनीत खेमका, कंचन खेमका, आनंद केडिया, पप्पू केडिया, शंकर चिरानिया, श्रवण केडिया, कन्हैया केडिया, आयुष खेमका, कैलाश अग्रवाल, अनिल चिरानिया सहित कई लोग शामिल हैं।
इस भव्य धार्मिक आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्म का माहौल बना हुआ है।













