
भागलपुर के 16 सदस्यीय कलाकार दल को मिला राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुति का अवसर, 10 दिनों से कर रहे हैं अभ्यास
भागलपुर। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिहार की प्रसिद्ध पारंपरिक लोकनृत्य शैली झिझिया की प्रस्तुति होगी। इस कार्यक्रम में भागलपुर की हिंद युवा शक्ति संस्था के कलाकार बिहार की लोकसंस्कृति का प्रतिनिधित्व करेंगे। 16 सदस्यीय कलाकार दल इस विशेष प्रस्तुति के लिए पिछले 10 दिनों से लगातार अभ्यास कर रहा है।

आयोजकों की ओर से प्रस्तावित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष देशभर की विभिन्न लोक एवं शास्त्रीय नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियां होनी हैं। इसमें विभिन्न राज्यों से लगभग 5,000 कलाकारों के शामिल होने की बात कही गई है। इसी क्रम में भागलपुर के कलाकार पारंपरिक झिझिया नृत्य के माध्यम से बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
10 दिनों से चल रही तैयारी
इस विशेष प्रस्तुति को आकर्षक और यादगार बनाने के लिए कलाकार लगातार मेहनत कर रहे हैं। अभ्यास के दौरान नृत्य की पारंपरिक शैली, तालमेल और प्रस्तुति को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कलाकारों में राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन को लेकर उत्साह है।
कलाकार दल का नेतृत्व और कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी प्रवीण प्रकाश संभाल रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में सभी कलाकार अनुशासन और समर्पण के साथ प्रस्तुति की तैयारी में जुटे हैं।
इन कलाकारों को मिला अवसर

कलाकार दल में राधिका कुमारी, संजना कुमारी, अंजली कुमारी, प्रिया साह, श्रुति कुमारी, दुर्गेश कुमारी, माधवी कुमारी, साक्षी कुमारी, कृति साह, सिमरन कुमारी, अनीशा कुमारी, श्रुति कुमारी, आस्था प्रिया सिन्हा, पूर्णिमा कुमारी और हितिशा कुमारी शामिल हैं।
कलाकारों ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर बिहार की पारंपरिक लोककला प्रस्तुत करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। झिझिया नृत्य के माध्यम से वे बिहार की सांस्कृतिक पहचान को देशभर में पहुंचाने के साथ विविधता में एकता का संदेश भी देना चाहते हैं।
लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाना उद्देश्य
हिंद युवा शक्ति संस्था का उद्देश्य बिहार की लोककला, लोकनृत्य और पारंपरिक संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान दिलाना तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
संस्था के कार्यक्रम प्रभारी प्रवीण प्रकाश ने कहा कि यह केवल भागलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरव का क्षण है। उनकी टीम पिछले 10 दिनों से लगातार अभ्यास कर रही है। सभी कलाकार अपनी प्रस्तुति के माध्यम से बिहार की संस्कृति और परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर गौरवपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने के लिए उत्साहित हैं।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन से भागलपुर की प्रतिभाओं और बिहार की समृद्ध लोकसंस्कृति को देश के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।















