
समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी ने की ‘समर्थगुरु स्वच्छता पुरस्कार’ की घोषणा, प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये; नवंबर 2027 में कर्मा महोत्सव के दौरान होगा सम्मान समारोह
रोहतास, बिहार।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देने और गांवों को स्वच्छ, सुंदर एवं आदर्श बनाने की दिशा में एक अनूठी पहल की गई है। आध्यात्मिक गुरु समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी ने कर्मा महोत्सव के पांचवें दिन ‘समर्थगुरु स्वच्छता पुरस्कार’ की घोषणा की। इस अभियान के तहत रोहतास जिले की गोशलडीह पंचायत के सभी 13 गांवों के बीच स्वच्छता को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आयोजित की जाएगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन गांवों को कुल 1 लाख 76 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति-पत्र और सम्मान-शील्ड प्रदान की जाएगी।

इस अभियान का आयोजन ओशो सिद्धार्थ फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है। यह फाउंडेशन बिक्रमगंज स्थित कर्मा धाम में त्रिवीर पब्लिक स्कूल का संचालन भी करता है। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और सामूहिक प्रयासों से गांवों को आदर्श बनाना है।
तीन गांवों को मिलेंगे नकद पुरस्कार
‘समर्थगुरु स्वच्छता पुरस्कार’ के तहत तीन सर्वश्रेष्ठ गांवों को निम्नलिखित पुरस्कार दिए जाएंगे।
- प्रथम पुरस्कार : 1,00,000 रुपये — प्रायोजक आचार्य अमरेश जी, रांची।
- द्वितीय पुरस्कार : 51,000 रुपये — प्रायोजक स्वामी बिरजू जी, मुंबई।
- तृतीय पुरस्कार : 25,000 रुपये — प्रायोजक आचार्य संजना जी, जम्मू।
नकद राशि के अलावा तीनों विजेता गांवों को प्रशस्ति-पत्र और सम्मान-शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा।

तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल करेगा मूल्यांकन
समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के अनुसार, पुरस्कार के लिए विजेता गांवों का चयन निर्णायक मंडल द्वारा सर्वसम्मति से किया जाएगा। चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सामूहिक सहमति पर आधारित रखने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सभी गांवों को समान अवसर मिल सके।
निर्णायक मंडल में त्रिवीर पब्लिक स्कूल के निदेशक विजय कुमार चौबे, गोशलडीह पंचायत के मुखिया शशि सिंह और पैक्स सदस्य रघुतिलक सिंह शामिल हैं।
निर्णायक मंडल पंचायत के सभी 13 गांवों में स्वच्छता की स्थिति का मूल्यांकन करेगा। इसमें सड़कों एवं गलियों की साफ-सफाई, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, नालियों की स्थिति, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
12 नवंबर 2027 को कर्मा महोत्सव में होगा सम्मान
आयोजकों के अनुसार, समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के नवंबर 2027 में प्रस्तावित आगमन के अवसर पर कर्मा महोत्सव के दौरान पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति में पुरस्कार वितरण की तिथि 12 नवंबर 2027 निर्धारित की गई है।
इस अवसर पर चयनित तीन सर्वश्रेष्ठ गांवों को क्रमशः एक लाख रुपये, 51 हजार रुपये और 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान-शील्ड प्रदान की जाएगी।
इस पहल के माध्यम से गोशलडीह पंचायत के सभी 13 गांवों को नवंबर 2027 तक अपनी स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार लाने और सामूहिक प्रयासों से अपने गांव को आदर्श बनाने का अवसर मिलेगा।
‘गांव वही, लोग वही, सोच नई!’ होगा अभियान का नारा
समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी ने कहा कि गांवों में वास्तविक बदलाव केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि लोगों की सोच, जागरूकता और सामूहिक संकल्प से आता है। स्वच्छता केवल बाहरी साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध हमारे विचारों, व्यवहार, संस्कारों और सामाजिक चेतना से भी है।
अभियान का प्रेरक नारा ‘गांव वही, लोग वही, सोच नई!’ रखा गया है। इसके माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि गांव और वहां रहने वाले लोग वही रहते हैं, लेकिन नई सोच, जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से गांव की तस्वीर बदली जा सकती है।
अभियान में पंचायत के युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
आदर्श पंचायत बनाने की दिशा में पहल
ओशो सिद्धार्थ फाउंडेशन का उद्देश्य गोशलडीह पंचायत को स्वच्छता, जनभागीदारी और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक आदर्श उदाहरण के रूप में विकसित करना है। गांवों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक एकता की भावना मजबूत होने की उम्मीद है।
समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल पुरस्कार देना नहीं, बल्कि स्वच्छता को ग्रामीण जीवन की स्थायी संस्कृति बनाना है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह पहल भविष्य में अन्य पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
आयोजक: ओशो सिद्धार्थ फाउंडेशन
स्थान: गोशलडीह पंचायत, जिला रोहतास, बिहार
पुरस्कार वितरण: 12 नवंबर 2027, कर्मा महोत्सव
अभियान का संदेश — गांव वही, लोग वही, सोच नई!















